सांसद गोमती साय
धान खरीदी की तारीख अब तक घोषित ना करना कांग्रेस सरकार का किसान विरोधी निर्णय
रायगढ़ की सांसद गोमती साय नें प्रदेश सरकार से हर हाल में 01 नवंबर से ज़िले में धान खरीदी की मांग की है तथा कहा है कि जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो यही लोग एक नवंबर से धान खरीदी हो कहकर धरना आंदोलन करते थे,अब खुद सत्ता में आनें के बाद धान खरीदी क्यों नहीं कर रहे हैं। हमारे क्षेत्र के कई हिस्सों में धान की जल्दी पकनें वाली फसल तैयार हो गई है और किसानों नें कटाई भी कर ली है। अभी तक प्रदेश की कांग्रेस सरकार समर्थन मुल्य पर धान खरीदी की तारीख तक घोषित नहीं कर रही है इसलिए किसान अपनें फसल के सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए सांसद गोमती साय ने कहा कि सुखत के चक्कर में हर साल धान खरीदी देर से शुरू करनें का षडयंत्र रच रही है ये राज्य सरकार फसल कटनें के समय जो नमी रहती है वह नमी महिनेंभर के बाद नहीं रहती है जिससे किसानों को प्रति क्वींटल 250 से 300 रूपये की नुकसान हो जाता है। अतः किसान हित में हर हाल में एक नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ हो।बारदाने को लेकर गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी कांग्रेस सरकार बहाना बनाना प्रारंभ कर चुकी है,बारदाने की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जुलाई माह से ही भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के नेताओं ने पत्र लिखकर इस विषय को गंभीरता से लेने हेतु पत्र व्यवहार किया था ताकि हमारे अन्नदाताओं को इस वर्ष धान बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी ना आए इसके बावजूद प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नही लिया।एम एस पी वृद्धि का लाभ किसानों को देने एवं किसानों की अन्य समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए सांसद गोमती साय ने कहा है कि हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार दीपावली भी आगामी माह के प्रथम सप्ताह में है ऐसे में हमारे अन्नदाताओं की दीपावली भी शुभ एवं मंगलकारी हो ,किसानों को पर्व मनाने के लिए किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी ना उठाना पड़े इसके लिए सरकार को चाहिए कि वो आगामी माह के प्रथम दिन से ही धान खरीदना प्रारंभ करे।किसानों को कई वादा करके सत्ता में आई प्रदेश की कांग्रेस सरकार अब उन्ही किसान भाइयों की धान के रकबे को गुपचुप ढंग से कम किए जाने की साजिश रच रही है,प्रशासनिक अधिकारियों कर्मचारियों को जबरन धान का रकबा कम दिखाए जाने का निर्देश दिया जा रहा है।ये हमारे किसान भाइयों के साथ सीधा सीधा छलावा है आदरणीय मुख्यमंत्री जी कृपया किसान भाइयों से किया हुआ वादा तो आप निभाएं।कांग्रेस सरकार अपने वादे के अनुरूप धान का 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल कीमत एक मुश्त तो नहीं ही दे पा रही है,ऊपर से केंद्र द्वारा हर सत्र में जो समर्थन मूल्य बढ़ाया जा रहा है,उसका लाभ भी किसानों को नही दिया जा रहा है।पिछले सत्रों में केंद्र ने धान के समर्थन मूल्य में करीब 300 रुपये की वृद्धि की है।इस अनुपात में प्रदेश के किसानों को अगले फसल के लिए 2800रुपये प्रति क्विंटल धान की कीमत एकमुश्त देने की घोषणा अविलम्ब करनी चाहिए।प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सांसद गोमती साय ने सरकार से मांग की है कि धान खरीदी हर हाल में 1 नवंबर से प्रारंभ करे, धान की पूरी कीमत का भुगतान तुरंत हो,केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी में लगातार किए गए वृद्धि का लाभ किसानो को देना सुनिश्चित हो,गिरदावरी के बहाने रकबा कटौती पर पूरी तरह रोक लगाए जाएं,कांग्रेस की घोषणा के अनुसार किसानों का दाना दाना धान खरीदे सरकार,घोषणा पत्र में किये वादे के अनुरूप किसानों को दो वर्ष का बकाया बोनस दे सरकार।
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