रायपुर। राज्य सरकार एक दिंसबर से धान खरीदी की शुरुआत करने जा रही है | ऐसे में कई किसान 13-14 सौ रुपए में धान को बेच रहे हैं ,कोचिये खरीद रहे हैं | बीजेपी का आरोप हैं कि 2500 का जो लाभ या केंद्र सरकार के समर्थन मूल्य का लाभ मिलना चाहिए इससे किसान वंचित है | आर्थिक रूप से किसानों का कमर तोड़ने का काम यह सरकार कर रही है और इसलिए जो किसान 1 नवंबर से 30 नवंबर के बीच धान बेचे है ऐसे किसानों को₹2500 के समुचित व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए , क्योंकि छोटे किसान है जिनका शोषण हो रहा है |
शोषण से उस किसान को बचाना है इसलिए सरकार की जवाबदारी है 1 नवंबर से 30 नवंबर तक जो भी किसान धान विषय है उनकी भरपाई सरकार करें | सरकार की तरफ से फरमान जारी हो रहा है कि किसान अपनी बोरी ले करके आएंगे तो उनकी धान की खरीदी करेंगे ,तो यहां सरकार की सरासर में बेमानी है किसानों के साथ |
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है कि सरकार कह रही है कि 1 दिसंबर से धान खरीदी करेंगे ,1 दिसंबर में बहुत दूरी नहीं है | सरकार की तरफ से फरमान जारी हो रहा है कि किसान अपनी बोरी ले करके आएंगे तो उनकी धान की खरीदी करेंगे ,तो यहां सरकार की सरासर में बेमानी है किसानों के साथ | भारतीय जनता पार्टी की सरकार 15 साल रही है , व्यवस्था करना किसान के धान की खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की जवाबदारी सरकार की है |
उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से बहानेबाजी में लगे रहते हैं ,पिछले विधानसभा में मंत्री ने जवाब भी दिया कितने बोर का आर्डर दिया ,कितना एडवांस जमा किया कितने गठान अब तक आ चुके हैं, कितनी आवश्यकता है | वास्तविक में सरकार को उसे सार्वजनिक करने की जरूरत है | मेरी जानकारी में खरीदी की अभी कोई व्यवस्था नहीं हुई है | आज बाजार में 50 रुपए में मिल रहे हैं और एक कुंटल के लिए ढाई तीन बुरे की आवश्यकता पड़ती है |
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों का शोषण छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है | 1 नवंबर से हम धान खरीदी करते थे | उन्होंने बताया कि मंडियों में गया था हमारे किसान 13-14 सौ रुपए में धान को बेच रहे हैं ,कोचिये खरीद रहे हैं | उन्होंने कहा कि 2500 का जो लाभ या केंद्र सरकार के समर्थन मूल्य का लाभ मिलना चाहिए इससे किसान वंचित है | आर्थिक रूप से किसानों का कमर तोड़ने का काम यह सरकार कर रही है और इसलिए जो किसान 1 नवंबर से 30 नवंबर के बीच धान बेचे है ऐसे किसानों को₹2500 के समुचित व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए , क्योंकि छोटे किसान है जिनका शोषण हो रहा है शोषण से एक किसान को बचाना है इसलिए सरकार की जवाबदारी है 1 नवंबर से 30 नवंबर तक जो भी किसान धान विषय है उनकी भरपाई सरकार करें |
