राजधानी में मच्छरों के प्रकोप, डेंगू ओर मलेरिया का बढ़ा खतरा

by Kakajee News

रायपुर। पिछले कई दिनों से डेंगू के केस सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन राजधानी रायपुर में मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है | रायपुर की पॉश कॉलोनियों से लेकर निचली बस्तियों में मच्छरों का प्रकोप जारी है | राजधानीवासी मच्छरों की समस्या से परेशान हैं | वार्ड वासियों ने बताया कि नगर निगम की ओर से वार्ड में फॉगिंग और दवाई का छिड़काव नहीं करने की वजह से ऐसे हालात निर्मित हुए हैं | सुबह और शाम दोनों समय मच्छरों का प्रकोप रहता है | मच्छरों के कारण न ही बच्चे पढ़े पाते है न ही महिलाएं ठीक से काम कर पाती हैं | इसके बाबजूद नगर निगम न तो सफाई पर ध्यान दे रही है | वार्डों में फॉगिंग और दवाई का छिड़काव भी नहीं हो रहा है |

ठंड में मलेरिया की शिकायतें अधिक होने की आशंकाओं के बीच निगम द्वारा शहर में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए दवाओं के छिड़काव समेत अन्य व्यवस्थाएं ठंडे बस्ते में हैं । बता दें कि राजधानी में इस बार पिछले पांच वर्षों में इस बार सर्वाधिक डेंगू के मरीज सामने आए हैं । स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक वर्ष 2017 में 62, 2018 में 170, वर्ष 2019 में 100, वर्ष 2020 में 11, वर्ष 2021 में 477 डेंगू के मरीज सामने आए । वही निगम नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने बताया कि महापौर अपने कर्मचारियों पर आरोप लगा रहे हैं या अधिकारों पर या 70 वार्डों के जनप्रतिनिधि पर आरोप लगा रहे हैं | अगर सारी सुविधाएं दी जाएगी तो सुविधा का उपयोग क्यों नहीं होगा | उन्होंने बताया कि नगर निगम के मुख्यालय है उसके आजू बाजू देखे हैं कितने कचरे हैं ,मच्छरों का आगमन तो वहीं से होते हैं ,जहां पानी रूके हुए होते हैं | वार्डो में भी कमोवेश यही स्थिति है और डेंगू की जो बीमारी है वार्डों में लगातार दिखाई दे रही है | नगर निगम प्रयास कर रहा है ,लेकिन पूरी तरह से हमारा प्रयास कर अनकंप्लीट है ऐसा कहना गलत है |

नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष ने बताया कि मच्छरों की तादाद दिखते उन्हें खत्म करने का प्रयास कर रहे यहहैं ,उन्हें साफ करने का काम कर रहे हैं | हर पार्षदों को एक-एक फागिंग मशीन दी गई है | यदि पार्षद जो है इस फॉगिंग मशीन का सदुपयोग करेंगे , जोनल टीम जाती है हर वार्ड में फॉगिंग होती है | हमारे तरफ से कोई कमी नहीं है | एंटी लारवा लारवा के लिए अभी संकल्प लाएंगे | वही महापौर एजाज ढेबर ने बताया कि डेल्टा प्लस हमने एक नया दवाई लाए थे ,वह काफी कारगर साबित हुई थी | हमने जब मच्छर की बात आई थी तो एक बैठक लिया था दोनों से ठीक तरह से संचालित नहीं हो पा रहे हैं | अभी हेड ऑफिस से पूरी तरह से संचालित करेंगे और शुरू में एक महीना संचालित किया था तो बहुत फर्क पड़ा था ]\ फिर से शुरू किया जाएगा फिर कंट्रोल दिखने लगेगा |

जानकारी के मुताबिक प्रदेश में मलेरिया का प्रभाव वनांचल खासकर बस्तर में अधिक है, इसलिए यहां पर मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान 22 नवंबर से शुरू किया जा रहा है । सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान में विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेगी । वहीं मलेरिया को लेकर जागरूक भी किया जाएगा । इसके बाद इस अभियान को अन्य जिलों में भी चलाया जाएगा ।

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