भैसों को पानी पिलाने खेत गए 12 वर्षीय मासूम आदित्य भगत को खेत से दबोचकर मारने व 700 मीटर दूर घसीट कर जंगल ले जाकर शव का कुछ हिस्सा खाने वाले बाघ को पकड़ने वन विभाग ने मशक्कत शुरू कर दी है। पेंच नेशनल पार्क के रेस्क्यू दल की मदद से घटनास्थल पर 29 दिसंबर मंगलवार की रात बकरे को चारा बनाकर जंगल में पिंजरा लगाया गया है।
सिवनी वन विकास निगम के उपमंडल प्रबंधक अरूण कुमार गोस्वामी ने बताया कि ग्रामीणों की मांग को देखते हुए बाघ को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी गई हैं। पेंच नेशनल पार्क का एक्सपर्ट रेस्क्यू दल की मदद से जंगल में पिंजरा लगाया गया हैं। समझाइश के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हो गया है। 30 दिसंबर बुधवार सुबह पीएम के बाद मृतक का अंतिम संस्कार स्वजनों ने खैरी गांव में कर दिया है। वन विभाग द्वारा 10 हजार स्र्पये तत्काल सहायता राशि पीड़ित परिवार को उपलब्ध करा दी गई हैं। साथ ही 4 लाख स्र्पये आर्थिक सहायता के लिए प्रकरण तैयार कर कार्रवाई की जा रही हैं। ग्रामीणों व वन अधिकारियों के मुताबिक हमलावर बाघ की मौजूदगी जंगल से लगे क्षेत्रों में बनी हुई हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बाघ अक्सर पालतु मवेशियों का शिकार करता रहता हैं। बीते दस दिनों में दो लोगों की जान बाघ के हमले से चली गई हैं, इससे जंगल के नजदीक रहने वाले ग्रामीणों में भय व दहशत का माहौल हैं। ग्रामीणों के हंगामे व विरोध को देखते हुए वन अधिकारियों ने बाघ को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी हैं। बाघ को पकड़ने के बाद कहा छोड़ा जाएगा, यह भोपाल के वरिष्ठ अधिकारी तय करेंगे।
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