बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट के जलजली में आग लगने से 13 झोपड़ी जलकर राख हो गई। इन सभी झोपड़ियों में दुकानों का संचालन किया जाता था। मध्यरात्रि के बाद लगी आग का पता सोमवार सुबह चला। अंबिकापुर से फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक सभी तेरह झोपड़ियां जलकर नष्ट हो चुकी थी। जलजली मैनपाट का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां एक स्थान पर धरती डोलती है।
इन दिनों सैलानियों की भारी भीड़ मैनपाट में पहुंच रही है। सैलानियों की सुविधा के लिए स्थानीय लोगों द्वारा झोपड़ियों में छोटी-छोटी दुकानें खोली गई थी। इन दुकानों से ही सैलानियों को जरूरत की खाद्य सामग्री अभी मिल जाया करती थी।स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला था प्रतिदिन सुबह से देर शाम तक सैलानियों की भीड़ यहां नजर आती है। सैलानियों के रहते तक दुकानों का संचालन भी किया जाता है। उसके बाद स्थानीय लोग अपने अपने घरों को लौट जाते थे।
रविवार की रात लगभग नौ बजे जलजली पॉइंट भी शांत हो चुका था। सभी लोग अपने अपने घर चले गए थे। झोपड़ियों में कोई भी नहीं था। बताया जा रहा है कि रात एक बजे के आसपास किसी ने झोपड़ियों में आग लगा दी। सुबह दुकान खोलने पहुंचे लोगों को इसका पता चला तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। अंबिकापुर से एक घंटे के भीतर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई थी।
सूखी लकड़ियों से झोपड़ियों को बनाया गया था। सभी झोपड़ी एक के बाद एक थी इसलिए आग की तेज लपटों से सभी धू- धू कर जल गई। घटना की सूचना पर कमलेश्वरपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची। प्रथम दृष्टया शरारती तत्वों की करतूत से घटना को जोड़कर देखा जा रहा है। संभावना यह भी जताई जा रही है कि कड़ाके की ठंड की वजह से असुरक्षित तरीके से आग लगा तापने के कारण भी यह घटना संभावित है।
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