दुर्ग। दुर्ग जिले में एसपी ने व्यापारियों की शिकायत पर एक टीआई को सस्पेंड कर दिया। डीजीपी की संभाग स्तरीय मीटिंग के बाद एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई है। वहीं छावनी थाने के प्रभारी विशाल सोन को सस्पेंड कर दिए जाने के बाद अब छावनी थाने के प्रभारी बनने के लिए लाइन के पदस्थ निरक्षको ने चक्कर लगाना शुरु कर दिया है।
दरअसल दुर्ग जिले में दो दिनो पूर्व गुरुवार की देर रात जवाहर मार्केट स्थित भरत जीन्स की तीन मंजिला दुकान मे आग लग गई थी। जिसके बाद तत्काल मौके पर छावनी थाने के स्टाफ के साथ प्रभारी विशाल सोन भी मौके पर पहुंचे। तभी व्यापारियों द्वारा प्रभारी से तीखी नोक झोंक हो गई। व्यापारियों के अनुसार गणेश विसजर्न करने जा रही समितियों के द्वारा आतिशबाजी किये जाने से आगजनी की घटना हुई।
इस घटना के बाद व्यापारियों द्वारा पुलिस पर आरोप लगाए गए जैसे तैसे मामले को शांत कराया गया। पुलिस ने फायर ब्रिगेड को मौके पर बुला आग पर काबू पाया। लेकिन पुलिस से नाराज व्यापारियों ने प्रभारी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दुर्ग पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव से शिकायत की।
एसपी कार्यालय से इस शिकायत की जांच कराई गई, जिसके बाद शिकायत सत्य पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव के द्वारा छावनी थाने के प्रभारी विशाल सोन को पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 215 (स) के अन्तर्गत प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केन्द्र दुर्ग सम्बद्ध कर दिया गया है।
इस सस्पेंसन के बाद अब इस बात से सभी हैरान की आखिर ऐसी क्या वजह सांमने आई की एसपी को इतना बड़ा फैसला लेना पड़ा। क्योंकि छावनी थाना प्रभारी विशाल सोन अपनी साफ छवि और बेहतर पुलिसिंग के लिए जाने जाते है। इसके साथ ही यह कयास पर उनकी पुलिसिंग पर कही ना कही राजनीतिक रसूख भारी पड़ गया है।
