रायगढ़। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की ओर से अपने 58वें स्थापना दिवस पर कल 17 सितंबर को आयोजित किये गए रक्तदान दिवस पर पूरे प्रदेश में 5500 यूनिट का संग्रहण करके एक नया रिकार्ड स्थापित किया है और इसमें रायगढ़ जिला मुख्यालय से भी लगभग सौ यूनिट रक्तदान किया गया। जैन समाज सहित 13 पंथ युवक के पदाधिकारियांे की सफल मेहनत से इस आयोजन की जमकर सराहना की जा रही है।
रायगढ़ जैन समिति के वरिष्ठ सदस्य गणेश सेठिया व उनकी टीम के लोगों ने शुभकरण चैरडिया , विमल अग्रवाल , सुभाष सेठिया नवीन जैन ,अखिलेश जैन, अनल नमन, गौरव जैन , नरेंद्र जुनेजा ,लक्ष्मी साहू , सन्तोष श्रीवास, अजय शर्मा , राजेश साहू व समस्त संजीवनी व जिन्दल ब्लड बैंक के अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बिठाते हुए इस लक्ष्य को न केवल पूरा किया बल्कि समाज में रक्तदान का महत्व के प्राचार्य को भी जन-जन तक पहुंचाया।
यहां यह बताना लाजमी होगा कि इस रक्तदान महादान के नारों को लेकर विश्वभर में इसका आयोजन किया जाता है। इस संबंध गणेश सेठिया व उनके साथियों ने बताया कि इस वर्ष 17 सितंबर को यह आयोजन संपूर्ण भारत में 2000 शिविरों के माध्यम से 600 से ज्यादा शहरों और 40 देशों में संपन्न किया गया। शांतिदूत, युग प्रधान, आचार्य महाश्रमण के आशीर्वाद से अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा संपूर्ण छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में भी 80 रक्तदान शिविर लगाया गया। जो पूर्णता सफल रहा और अकेले छत्तीसगढ़ से रायगढ़ के सौ यूनिट मिलाकर पूरे छत्तीसगढ़ से 5500 यूनिट ब्लड का संग्रहण किया गया।
वर्ष 2020 में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की ओर से 55000 यूनिट रक्तदान और 2000 प्लाज्मा दान करवाया गया. इसके अलावा पूरे भारत वर्ष में 700 से अधिक शिविरों का आयोजन किया गया था. इसमें समाज के सभी वर्गों ने और 500 से अधिक ने बढ़ चढ़कर भाग लिया था। रक्तदान रायगढ़ के संजीवनी नर्सिंग होम व ओपी जिंदल फोर्टिस अस्पताल में किया जा सकता है। इन दोनों जगहों पर आयोजन समिति की तरफ से तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के इस रक्तदान के महा अभियानष्को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया है. इस संस्था को विश्व की सर्वाधिक रक्तदाता संस्था का भी गौरवमय स्थान प्राप्त है.रायगढ़ से जैन समाज में सक्रिय भूमिका निभा रहे गणेशमल जैन सेठिया परिवार तथा साथियों ने भी इस रक्तदान शिविर में हिस्सा लेने की अपील करते हुए कहा कि रक्त का अन्य कोई विकल्प नहीं है, गणेश सेठिया का कहना है कि रक्तदान के लिये संजीवनी नर्सिंग होम व जिंदल अस्पताल का चयन किया गया है और इन दोनों जगहों पर रक्तदाता अपना रक्तदान करेंगे। उन्होंने बताया कि रक्त की पूर्ति केवल मानव शरीर से ही संभव है। यही कारण है कि रक्तदान को महादान की संज्ञा दी गई है. यह दान धर्म, जाति संप्रदाय से ऊपर है. अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद ने लोगों से ‘आइए रक्तदान को बनाइये एक अभियान, रक्तदान करके बचाइये जान’ की अपील की है। गणेश मल जैन सेठिया ने ये भी बताया कि इस अभियान की सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है तथा हर समाज के लोगों का सहयोग भी मिल रहा है।
