रायगढ़ । भले ही छत्तीसगढ़ राज्य आज पूरे 22 साल का हो गया हो लेकिन इसके स्थापना को लेकर शासन स्तर पर किस प्रकार तैयारी की जाती है इसका एक और नमूमा आज मिनी स्टेडियम में देखने को मिला। राज्योंत्सव की तैयारियां काफी पहले से कर ली जाती है लेकिन ऐन मौके पर मंच पर कार्यक्रम करने वाले बच्चे समय से काफी पहले पहुंच जाते हैं नहीं पहुंचते हैं तो हमारे नेता।
इस बार भी ऐसा ही हुआ जहां धरमजयगढ़ विधायक लालजीत सिंह राठिया जो केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त विधायक हैं। उनके साथ-साथ रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक, महापौर जानकी काटजू, नगर निगम के सभापति जयंत ठेठवार सहित अन्य नेताओं के हाथों दीप प्रज्जवलित करने के बाद कार्यक्रम की शुरूआत होनी थी। लेकिन साढ़े 6 बजे तक कोई भी अतिथि मंच के आसपास तो दूर बल्कि मिनी स्टेडियम के दो सौ मीटर के दायरे में भी दिखाई नही दिया। स्थिति यह थी कि कलेक्टर को छोड़कर बाकी बड़े अधिकारी मुस्तैद तो थे लेकिन उन्होंने कार्यक्रम की लंबी लिस्ट को देखते हुए बिना अतिथि के ही कार्यक्रम को शुरू करवा दिया। यह बात साफ हो गई कि अब भले ही माननीय नेता कितने बजे भी वहां पहुंचे उनको सिर्फ रस्म अदायगी करनी पड़ेगी।
राज्योंत्सव के लिये लगाये गए दो दर्जन से भी अधिक स्टालों में अंधेरा पसरा हुआ था और बाहर कुछ जगह रोशनी थी। तामझाम की तैयारियों के बीच जिस प्रकार की लापरवाही यहां देखने को मिल रही थी वह बहुत कम देखने को मिलती है। पुलिस के स्टाल सहित अन्य कई स्टालों में साढ़े 6 बजे तक अंधेरा पसरा हुआ था। यही स्थिति मैदान के आधे हिस्से में भी दिखाई दे रही थी।
लापरवाही की हद तब हो जाती है, जब स्टालों के आसपास अंधेरे के बावजूद राज्योंत्सव देखने के लिये लोग वहां पहुंचने लगते हैं और इनके बैठने तक की पूरी व्यवस्था पंडाल के आसपास नही दिखाई दे रही थी। राज्योंत्सव के 22 वे वर्ष में बिना मुख्य अतिथि के आये कार्यक्रम शुरू होना और आसपास के विभागीय स्टालों में लाईटों की व्यवस्था नही होना बताता है कि जिला प्रशासन द्वारा यह उत्सव कितनी लापरवाही से मनाया जा रहा है।
