शादी सुदा प्रेमी की खुली पोल, कॉलेज में हुआ प्यार अब परिवार टूटने की दहलीज पर

by Kakajee News

कोरबा । छत्तीसगढ़ के कोरबा में शिक्षा का मंदिर एक बार फिर शर्मसार हुआ है। शहर के सबसे अधिक प्रतिष्ठित महाविद्यालय के पुरुष और महिला सहायक प्राध्यापक के खिलाफ हुई शिकायत के बाद हड़कम्प मच गया है।

इस संगीन मामले में पति- पत्नी के बीच बाहरी हस्तक्षेप का आरोप लगने के बाद कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा के एक सहायक प्राध्यापक और एक महिला सहायक प्राध्यापक को प्रबंधन ने निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही यह मामला जांच के लिए महाविद्यालय के आंतरिक परिवार समिति को सौंप दिया गया है।

दरअसल पुरानी बस्ती कोरबा निवासी कृष्ण गोपाल तिवारी ने महाविद्यालय प्रबंधन से लिखित शिकायत की है कि महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक श्रीमती खुशबू राठौर पिछले एक साल से उनकी पुत्री के परिवार को तोड़ने का प्रयास कर रही है। उनका आरोप है कि श्रीमती खुशबू राठौर की दखलंदाजी के कारण उनकी पुत्री श्रीमती श्रुति तिवारी का परिवार टूटने के कगार पर पहुंच चुका है। उन्होंने अपनी पुत्री के परिवार पर कभी भी किसी प्रकार की गंभीर घटना के घटित होने की आशंका भी जताई है।

शिकायत पत्र में बताया गया है कि उनकी पुत्री का वर्ष 2015 में सामाजिक रीति रिवाज से महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक अभिषेक तिवारी के साथ विवाह हुआ था। वर्तमान में अभिषेक तिवारी और श्रुति तिवारी की दो संतान भी है। शिकायत पत्र में महाविद्यालय प्रबंधन से आग्रह किया गया है कि श्रीमती श्रुति तिवारी के परिवार को सहायक प्राध्यापक श्रीमती खुशबू राठौर की दखल से बचाया जाए।

सहायक प्राध्यापक अभिषेक तिवारी और श्रीमती खुशबू राठौर शहर के पहले और अपने अनुशासन के लिए प्रारम्भ से विख्यात प्रतिषिठत कमला नेहरू महाविद्यालय में कार्यरत हैं। इस आरोप के बाद महाविद्यालय प्रबन्धन में हड़कम्प मच गया और प्राचार्य ने मामले में तत्काल संज्ञान लेकर दोनों सहायक प्राध्यापकों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रशांत बोपापुरकर ने ने उक्त शिकायत की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सहायक प्राध्यापक अभिषेक तिवारी और श्रीमती खुशबू राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रकरण को जांच के लिए महाविद्यालय के आंतरिक परिवार समिति को जांच सौंप दिया है। उन्होंने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्राचार्य ने कहा है कि जब तक मामले का निराकरण नहीं हो जाता तब तक दोनों प्राध्यापक निलंबित रहेंगे।

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