अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मुख्यालय के राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज के मातृ शिशु अस्पताल में बीती रात करीब अचानक 4 घण्टे लाइट गोल होने से अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में 4 बच्चों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है वहीं मेडिकल कालेज में भर्ती बच्चों की मौत को लेकर हडकंप मच गया है। तड़के मेडिकल कालेज के डीन व कलेक्टर ने अस्पताल जाकर स्थिति का जायजा लिया वहीं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी राजधानी रायपुर से अंबिकापुर पहुंचकर अधिकारियों की आपात बैठक ले रहे हैं।
अंबिकापुर के राजमाता देवेन्द्र कुमार सिंहदेव मेडिकल कालेज में इलाज के लिये भर्ती किये गए चार बच्चों की असमय मौत के बाद परिजनों ने गुस्सा देखा जा रहा है उनका रो रो कर बुरा हाल है। एक परिजन का कहना था कि उनके बच्चे को आक्सीजन लगी हुई थी और लाईट बंद होनें के बाद जो मशीन बच्चे को लगाई गई थी वह बंद हो गई थी जिसके चलते उसकी मौत हो गई। वह बताता है कि लाईट बंद होने के चलते मशीन काम नही कर रही थी और उसने अपने बच्चे को 10-15 दिन पहले यहां भर्ती कराया था।
पीड़ित परिजनों की मानें तो देर रात करीब 11 बजे मेडिकल कालेज की लाईट अचानक गुल हो गई थी और चार पांच घंटे बाद आई। लाईट गुल होनें के दौरान वार्ड में बच्चों के रोने की आवाज आने लगी और लाईट गुल होनें के बाद कुछ बच्चों की मौत भी हो गई। अभी तक तीन बच्चों की मौत की जानकारी मिली है और लाईट काफी देर तक बंद थी। पीड़ित मां को भी नही पता कि उसका बच्चा जीवित है या नही वह बताती है रात में लाईट गोल हुई थी और अभी तक उसे अंदर नही जाने दिया जा रहा है। डाक्टर आएंगे तो उन्हें शायद अनुमति मिले।
स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले मेडिकल कालेज में हुई इस बडी घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने रायपुर के सभी कार्यक्रम रद्द करके हेलीकाप्टर द्वारा तड़के ही रायपुर पहुंच गए और उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए अपना एक संदेश भी जारी किया है। वहीं जिले के कलेक्टर व मेडिकल कालेज के डीन का कहना है कि जिन बच्चों की मौत हुई है वे काफी बीमार थे। इस संबंध में बातचीत के दौरान कलेक्टर ने कहा कि चार बच्चों की मौत का जो मामला सामने आया है सुबह साढ़े पांच बजे से लेकर आठ बजे तक चार बच्चों की मौत हुई है वह सही है और जिन बच्चों की मौत हुई है उनकी स्थिति काफी क्रिटिकल थी और ज्यादा जानकारी मेडिकल कालेज के डीन देंगे।
ड्यूटी पर तैनात डाक्टर गौरी से भी चर्चा की गई है। घटना के बारे में जानने का प्रयास किया है कि क्या परेशानी आई थी। उन्होंने इस बात को गलत बताया कि बिजली के प्राबलम से बच्चों के वार्ड में लगी मशीनें नही चली। क्योंकि अल्ट्रानेट सिस्टम होते हैं वे बिजली जाने के बाद भी चलते हैं और यूपीएस से भी चलते हैं।
कुल 6 बच्चे वेंटिलेटर में थे उनमें से मात्र 2 बच्चों की मौत हुई है जो दुर्भाग्य जनक है। वेटिंलेटर पर वही बच्चे जाते हैं जिनकी स्थिति खराब होती है। वहीं मेडिकल कालेज के डीन से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह सच है कि कल्शस्ट्रींग में बच्चों की मौत हुई है और बिजली की समस्या संयोग वश बताई जा रही है। जो समय के साथ जोडा जा रहा है लेकिन जिन बच्चों की मौत हुई है उनकी स्थिति काफी नाजुक थी इसलिये उनको आईसीयू में रखा गया था। उन्होंने चारो बच्चों के मौत के कारण भी बताएं।
मेडिकल कालेज में चार बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का कहना है कि इस पूरे मामले में एक जांच टीम बनाई गई है और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए हैं। कहां कमियां हुई और किन कमियों के चलते ऐसी दुखद घटना हुई इसका पता लगाया जा रहा है। और मौके पर जाकर हम जानकारी लेंगे।
बहरहाल इस घटना को लेकर भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। वहीं अंबिकापुर पहुंचते ही स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने मेडिकल कालेज के डीन, कलेक्टर अंबिकापुर, पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर के अलावा अन्य अधिकारियों की एक आपात बैठक लेकर पीड़ित परिजनों को तत्काल राहत देने के दिशा निर्देश देते हुए इस पूरी घटना की जांच के आदेश दिये हैं और कहा है कि ऐसी घटना में जिसकी भी लापरवाही हो उसके उपर कडी कार्रवाई की जाये। देखना यह है कि लाईट गोल होनें के चलते अपनी जिंदगी की आस लिये नन्हें बच्चों की मौत के बाद क्या प्रशासन परिजनों को इंसाफ दिला पायेगा।
