केंद्र सरकार द्वारा बनाया नया बेज कोड यानी नया वेतनमान इस साल अप्रैल से लागू होना है। इस बीच, कुछ बदलावों की सिफारिश श्रम मंत्रालय की तरफ से की गई है। यदि सरकार ये सिफारिशें मान लेती हैं तो आम नौकरीपेशा लोगों की Take Home Salary यानी वह वेतन जो सभी कटौतियों के बाद मिलता है, बढ़ सकता है। अभी कर्मचारी भविष्यन निधि यानी EPF में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों 12-12 फीसदी जमा करते हैं। श्रम मंत्रालय का सुझाव है कि इसे घटाकर 10-10 फीसदी कर दिया जाना चाहिए। यह प्रस्ताव सरकार मान लेती है तो Take Home Salary बढ़ना तय है। दरअसल, नया वेज कोड आने के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि कर्मचारियों की टेक होम सैलरी घट जाएगी, लेकिन ग्रेच्युटी और पेंशन में बढ़ोतरी होगी। इन आपत्तियों को जब श्रम मंत्रालय के सामने रखा गया तो संशोधन प्रस्ताव बनाकर सरकार के सामने पेश किया जा चुका है। हालांकि नई व्यवस्था का नुकसान यह होगा कि PF में योगदान कम होने से पेंशन की राशि कम हो जाएगी।
संसद में यह कानून 2019 में ही पास हो चुका है। इसके नियमों के अनुसार, कर्मचारियों को दिए जाने वाले भत्ते कुल मुआवजे का 50% से अधिक नहीं हो सकते हैं। यानी अप्रैल 2021 से मूल वेतन (सरकारी नौकरियों में मूल वेतन और महंगाई भत्ता मिलाकर) कुल वेतन का 50% या अधिक होना होगा। इसका दूसरा पहलू यह है कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा राशि बढ़ जाएगी। Take Home Salary में कमी आएगी क्योंकि अधिकांश कर्मचारियों का भविष्य निधि (PF) योगदान बढ़ जाएगा। PF की गणना मूल वेतन के प्रतिशत के रूप में की जाती है।
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