पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग दिन पर दिन जोर पकड़ती जा रही है। कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और झारखंड में पुरानी पेंशन योजना को बहाल कर दिया गया है।
इसके अलावा पंजाब सरकार ने भी अपने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देना शुरू कर दिया है। अब केंद्र और राज्य के कम से कम 50 संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग की है।
पुरानी पेंशन लागू करने को लेकर हाल ही में RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का बयान आया था, जिसमें उन्होंने कहा था यदि OPS को लागू किया गया तो यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं होगा। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की तो वे संसद के मानसून सत्र के दौरान जुलूस निकालेंगे। राष्ट्रीय संयुक्त कार्रवाई परिषद (NJCA) के बैनर तले संगठनों ने बयान जारी कर कहा कि मांग को लेकर 21 जनवरी को दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
एनजेसीए की तरफ से जारी बयान में कहा गया, कि ‘एक जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए केंद्रीय कर्मियों के लिए NPS लागू हुई। विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग तिथियों पर इसे लागू कर रिटायर होने वाले कर्मियों के लिए इसे नुकसानदायक बना दिया। यह किसी भी तरह से गारंटीशुदा पुरानी पेंशन योजना से मेल नहीं खाता है। बयान के मुताबिक, संगठनों को लगता है कि आंदोलन को आगे बढ़ाने और राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई करने की जरूरत है। एनजेसीए के बैनर तले पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए एक संयुक्त मंच गठित किया गया है।
