बेसहारा बुजुर्गों को बेहतर जिंदगी देने जेएसपी फाउंडेशन बनाएगा ’जिंदल अपना घर’, खैरपुर में बनेगा 150 बुजुर्गों के लिए सर्वसुविधायुक्त आशियाना  

by Kakajee News
  • विशेष बच्चों की संस्था आशा- द होप को भी मिलेगा नया भवन  
    19 करोड़ रूपयों की लागत से तैयार होंगे दोनों केंद्र  
    दोनों ही भवनों के लिए भूमिपूजन संपन्न  
    एक वर्ष में सुविधा शुरू करने का लक्ष्य  

रायगढ़। समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में एक नया अध्याय जोड़ते हुए जेएसपी फाउंडेशन द्वारा रायगढ़ मंे बुजुर्गों के लिए ’जिंदल अपना घर’ की स्थापना का निर्णय लिया गया है। ’जिंदल अपना घर’ में 150 जरूरतमंद बुजुर्गों को घर के साथ ही पोषक आहार, स्वास्थ्य सुविधाएं, योग-ध्यान सहित बेहतर जीवन के लिए तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास होगा।

 

शहर से जुड़े ग्राम खैरपुर में 47 हजार वर्गफीट क्षेत्र में 13 करोड़ रूपये की लागत से इस केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही विशेष बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार हासिल कर चुकी संस्था आशा- द होप के लिए भी 6 करोड़ रूपयों की लागत से 20 हजार वर्गफीट के नये भवन का निर्माण किया जाएगा।

 

इस नये और बड़े भवन में बच्चों को पहले से भी बेहतर सुविधाएं हासिल हो सकेंगी। इन दोनों परियोजनाओं का शिलान्यास 7 अप्रैल, शुक्रवार को खैरपुर स्थित परियोजना स्थल में ओपी जिंदल समूह की चेयरपर्सन इमरिट्स श्रीमती सावित्री देवी जिंदल, जिंदल स्टील एंड पॉवर के चेयरमैन नवीन जिंदल एवं जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिंदल ने वर्चुअल तरीके से किया।

 

आयोजन में विधायक प्रकाश नायक, चक्रधर सिदार, रामकुमार यादव, महापौर श्रीमती जानकी काटजू सहित कई गणमान्य अतिथियों ने भी शिरकत की। इधर, तमनार के कुंजेमुरा में भी ओपी जिंदल स्कूल के नये भवन के लिए भी शिलान्यास किया गया।
जिंदल स्टील एंड पॉवर द्वारा विगत तीन दशकों से रायगढ़ के विकास में निरंतर योगदान दिया जाता रहा है। समय के साथ इसका स्वरूप और भी वृहद और बेहतर होता जा रहा है।

 

जेएसपी समूह की सामाजिक उत्तरदायित्व इकाई, जेएसपी फाउंडेशन के द्वारा रायगढ़ में जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए सर्वसुविधायुक्त ’जिंदल अपना घर’ की स्थापना का निर्णय लिया गया है। यहां न सिर्फ बुजुर्गों को आश्रय मिलेगा, बल्कि कोशिश होगी कि वे तनाव मुक्त और स्वस्थ जीवन बेहतर तरीके से व्यतीत कर सकें।

 

’जिंदल अपना घर’ के पास ही आशा- द होप के नये भवन का निर्माण भी किया जा रहा है। इस केंद्र में विशेष बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके माध्यम से अब तक सैकड़ों दिव्यांगजन आज समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। इन प्रयासों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कई बार आशा- द होप को सम्मानित किया जा चुका है। लोकप्रियता के साथ हितग्राहियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए संस्था के लिए नये भवन की जरूरत महसूस हो रही थी। इसे देखते हुए जेएसपी फाउंडेशन ने आशा- द होप के लिए नये भवन के निर्माण का निर्णय लिया।

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