दो हजार की नोटबंद करना नोटबंदी की असफलता का प्रमाण

by Kakajee News

कुरुद जनपद पंचायत अध्यक्ष शारदा साहू ने कहा कि दो शजर के नोट को बन्द करके अंततः  मोदी सरकार ने मान लिया कि उसका नोटबन्दी का निर्णय गलत था  | देश की अर्थ व्यवस्था को तबाह करने वाला निर्णय था |  इससे देश के उद्योग धंधे व्यापार बन्द हुआ था । पहले 1000 का नोट बन्द किया कारण दिया की इससे भ्रस्टाचार और जमाखोरी बढ़ी है ,तुरंत ही उससे दुगुने मूल्य के 2000 के नोट छाप दिया ।अर्थशात्रियो ने उसी समय इस निर्णय पर सवाल उठाया था । नोटबन्दी के फायदों और कारण को मोदी सरकार बताने में असफल थी। मोदी से देश की अर्थव्यवस्था नहीं सभल रही यही कारण है कि आज देश मे मंहगाई बेरोजगारी चरम पर  है ।

शारदा साहू ने कहा कि नोटबंदी की असफलता के बाद एक बार फिर दो हजार  के नोट को बंद करने का निर्णय आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनेगा ।  आरबीआई के द्वारा दो हजार  के नोट को चलन से बाहर करने का निर्णय घातक और आत्मघाती कदम है ।
मोदी सरकार असल मायने में भ्रष्टाचार को रोकने से ज्यादा भ्रष्टाचार को शह देने में काम कर रही है दो हजार  का नोट पहले बाजार से गायब हुआ और पूंजीपतियों के तिजोरी में जमा हो गई  और मोदी सरकार में बढ़े  भ्रष्टाचार में दो हजार   के नोट का महत्वपूर्ण योगदान है आज दो हजार   के नोट को बंद करने का निर्णय मोदी के मित्रों को लाभान्वित करने की योजना है ।
मोदी के मित्र अब जमा किए हुए दो हजार   नोटों को आम जनता के माध्यम से बैंकों में जमा करवाएंगे और एक बार और अपने काला धन को सफेद करेंगे और नोटबंदी के समय जो स्थितियां थी आज फिर वही स्थितियां उत्पन्न होगी | दिहाड़ी मजदूर छोटे व्यापारी खोमचा वाले दो हजार   के नोट से परेशान होंगे और उस को बदलने के लिए बैंकों के लाइन में खड़े रहेंगे इस भीषण गर्मी में इस प्रकार का निर्णय गरीब जनता के ऊपर अत्याचार है।

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