रायगढ़। रायगढ़ जिले में धान खरीदी अपने अंतिम दौर में है, अब तक 51लाख क्विंटल में से 47 लाख क्विंटल , लगभग 90 परसेंट से ज्यादा धान की खरीदी कर ली गई है। अभी रोज 1 लाख 30 हजार क्विंटल प्रतिदिन के एवरेज से खरीदी हो रही है, साथ ही अब 5 लाख क्विंटल खरीदना बाकी है,जबकि 9 दिनों का समय शेष है, धान खरीदी की रफ्तार ठीक है मगर सभी जगह बारदानों की कमी एक प्रमुख समस्या बनी हुई है।
साथ ही बफर लिमिट से ज्यादा धान जाम होने से समिति प्रबंधक और फड़ प्रभारी भी परेशान है, वही जिम्मेदार अधिकारियों की माने तो उठाव और खरीदी के मामले में जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर है, साथ ही बारदानो की समस्या हल करने के लिए डिओ में 100 प्रतिशत बोरा मीलरो को ही व्यवस्था करना है, प्लास्टिक के बोरे और पीडीएस के दो माह के बोरो की व्यवस्था की गई है ।
जहाँ चपले धान खरीदी केंद्र मैं अब तक 33 हजार क्विंटल से ज्यादा धान की खरीदी हो चुकी है , फड़ प्रभारी के हिसाब से जिन किसानों का रकबा बाद में जुड़ा है, उनके 3 से 4 हजार क्विंटल धान खरीदना ही बाकी है । समिति में बोरे नहीं होने से किसान खुद अपना बारदाना लेकर आ रहे हैं, किसानों का कहना है कि रकबा बाद में जुडऩे से उनका धान आखरी में बिक रहा है , जिससे उनको परेशानी हुई है , साथ ही केंद्र का बफर लिमिट 7 हजार क्विंटल है जबकि लगभग 14 हजार क्विंटल धान, खरीदी केंद्र में पड़ा हुआ है जिसका उठाव अभी तक नहीं हो पाया है।
वहीं कोतरा उपार्जन केंद्र में अब तक 34 हजार क्विंटल धान खरीदी कर लिया गया है, केवल 8 हजार क्विंटल धान ही खरीदना शेष है, वहां पर धान बेचने आए किसान शालिग्राम पटेल ने बताया कि बाजार से 30 रुपए में बोरा खरीद रहे हैं ,और समिति उसके बदले 15 रुपए दे रही है, जिसके कारण 1 क्विंटल में लगभग 40 रुपए का घाटा हो रहा है, साथ ही वहां के फड़ प्रभारी तरुण कुमार राणा ने बताया कि समिति का बफर लिमिट 7 हजार क्विंटल है जबकि अभी 12 हजार क्विंटल धान समिति में पड़ा हुआ है, जिस के रखरखाव में परेशानी हो रही है। तो धनागर के धान खरीदी केंद्र में भी लगभग यही आलम है वहां 32 हजार क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है , मगर वहां भी बफर लिमिट से दोगुना 12 हजार 500 क्विंटल धान स्टॉक में रखा हुआ है, वहां के फड़ प्रभारी हरि महंत के हिसाब से उठाव नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । वहीं समिति में धान बेचने आए किसान भवानी शंकर ने बताया कि 51 क_ा धान बेचने आया हूं , गांव में परिचितों से मांग कर बोरे की व्यवस्था किया हूं , तब जाकर धान बेचने आया हूं, बोरे की कमी के अलावा और किसी तरह की परेशानी अभी नहीं है।
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