रायपुर। जंगल सफारी केरायल बंगाल टाइगर कान्हा की दहाड़ अब मैसूर जू में सुनाई देगी। जंगल सफारी के बाद अब कान्हा मैसूर जू में आने वाले पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करेगा, क्योंकि सफारी प्रबंधन मैसूर जू से एक जोड़ी गौर और भेेड़िया लाएगा। एक सप्ताह के भीतर मैसूर की टीम जंगल सफारी आकर कान्हा को अपने साथ ले जाएगी।
इसके बाद जंगल सफारी की टीम मैसूर जाकर भेेड़िया और गौर के जोड़े को लेकर आएगी। नेशनल जू अथारिटी आफ इंडिया ने हरी झड़ी दे दी है। सफारी प्रबंधन का कहना है कि टाइगर की संख्या अधिक है। इसलिए कान्हा टाइगर को देकर गौर और भेड़िया को लाया जाएगा।
एशिया के सबसे बड़े मानव निर्मित जंगल सफारी में वर्तमान में टाइगर, वाइट टाइगर, चीतल, नीलगाय, भालू, मगरमच्छ सहित अधिकांश जानवर आ गए हैं। नंदनवन से भी वन्यजीवों को शिफ्ट कर दिया गया है। बचे हुए वन्यजीवों को भी जल्द शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। वन्यजीवों को लाने के लिए शासन द्वारा 12 करोड़ रुपये की लागत से करीब दस बाड़े का निर्माण किया जाना है। कोरोना काल के बाद जंगल सफारी में धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वर्तमान में एक दिन में करीब तीन सौ पर्यटक जंगल सफारी पहुंच रहे हैं। जंगल सफारी में गौर और भेड़िया ना होने की वजह से पर्यटकों को बारनवापारा जाना पड़ता है। लेकिन पर्यटक अब इस माह के अंत तक जंगल सफारी में ही इसका दीदार कर सकेंगे।
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