चंदे का पैसा आखिर किस भाजपा नेता ने खाया, मोदी नही आते तो निपट जाती भाजपा, विधानसभा चुनाव से पहले गुटबाजी चरम पर

by Kakajee News

रायगढ़। कहनें को तो नरेन्द्र मोदी की कोड़ातराई सभा में उमड़ी भारी भीड़ ने भाजपा को संजीवनी दे दी। लेकिन लगता नही विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा रायगढ़ विधानसभा या आसपास के सीटों पर विजयश्री दिलाने के लिये वरदान साबित होगा, चूंकि उनके दौरे से पहले और उनके दौरे के बाद जिला भाजपा में बैठे कुछ लोग केवल चंदा इकट्ठा करने के साथ-साथ अपनी राजनीति चकमाने में लगे थे इतना ही नही चंदे के पैसे से कलमकारों को खरीदने का प्लान भी धरा का धरा रह गया और अपने चहेतों की गोटी गणित भिडाते हुए ये भाजपाई अब खुद ही मूंह दिखाने के काबिल नही रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा के ठीक बाद नगर निगम में पीटी भद्द इस बात का बड़ा उदाहरण है।

भले ही विधानसभा चुनाव की तारीख अभी घोषित नही हुई है लेकिन राजनीति उफान पर है। लेकिन भाजपा ने कुछ भी ठीक नही चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे को लेकर जिस प्रकार गंदी राजनीति के जरिये कुछ कथित पूर्व प्रवक्ता व उनके बैठे पदाधिकारी होटल में बैठकर मटरगस्ती करते हुए चंदे के पैसे को कैसे अपना बनायें की योजना बना रहे थे। साथ ही साथ कलमकारों को नीचा दिखाने के लिये होटल में बैठकर ये कथित नेता अपने आपको महिमामंडित करने का प्लान बना रहे थे वह पूरी तरह एक्सपोज हो गए है। बताया यह भी जा रहा है कि करीब साढ़े 5 लाख रूपये की राशि भाजपा के एक पूर्व प्रवक्ता को दी गई थी और यह राशि मिलने से पहले भाजपा के वर्तमान प्रवक्ता ने आपत्ति भी की थी लेकिन किसी बड़े पदाधिकारी ने इस दोगले भाजपाई को आगे करके बड़ी जिम्मेदारी दे दी और यह जिम्मेदारी मिलते ही अपने आपको राजनीति का बड़ा खिलाड़ी समझने वाला कथित भाजपा नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिये कईयों को बलि का बकरा बनाते चला गया। इतना ही नही जिले के नामचीन पत्रकारों को बदनाम करते हुए अपनी पीठ थपथपाने वाला यह भाजपा नेता अपने कुछ चहेतों के साथ मिलकर ऐसी योजना बना रहा था कि उसकी राजनीति और आगे चले साथ ही साथ कुछ बड़े नेता भी निपट जाये। इतना ही नही उस नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे को भी मजाक में लेते हुए अपना खेल खेल दिया और भाजपा के भद्द आयोजन स्थल से लेकर कार्यक्रम के बाद तक लगातार पीटी।

भाजपा पदाधिकारियों की इस मनमानी का नतीजा नगर निगम में कांगे्रस की महापौर जानकी काटजू के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव में भी देखने को मिला जब कुछ छुटभैईये भाजपाईयों ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी जीत का सपना देखते हुए भाजपा को ही ऐसा पटका जिसे वह विधानसभा चुनाव में शायद उठ पायेगा। बताया जा रहा है कि बड़े पदाधिकारी ने एक होटल में बैठकर पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे में अपनी मनमानी की और उसके बाद इस अविश्वास प्रस्ताव में भी मनमाने ढंग से दिशा निर्देश देते हुए न केवल अपना एक पार्षद खोया बल्कि जीतने नगर निगम में पार्षद थे उनमें भी खेमेबाजी करा दी।

 

पीटती भद्द के चलते रायगढ़ भाजपा शहर से लेकर पूरे प्रदेश में अपनी इज्जत उड़ते देख रही है। विधानसभा चुनाव से पहले इस खेमे व गंदी राजनीति के सामने आने से यह बात साफ हो गई कि अब भाजपा के भीतर कुछ ठीक नही चल रहा है। चंूकि अपने खुद के राजनीति रसूख को बचाने के लिये वरिष्ठ नेताओं को अंधेरे में रखने का खेल खेलने वाले ये नेता नही चाहते कि कोई अच्छा नेता विधानसभा चुनाव में उतरकर भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त करे बल्कि वे खुद अपने घर के वोट भाजपा को नही दिला पाते तो कैसे वे भाजपा को जीतता देख सकते हैं। बहरहाल देखना यह है कि भाजपा की इस गिरती शाख को बचाने के लिये पार्टी के बड़े नेता ऐसे नेताओं को पहचान कर उनको बाहर का रास्ता दिखा पाते हैं या नही।

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