शाह का कांग्रेस पर हमला, बोले- धारा 370 को इतने समय तक किसके दबाव में चालू रखा?

by Kakajee News

आज संसद के बजट सत्र में लोकसभा की कार्यवाही जारी है। सबसे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष को घेरा। और अब गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि वहां के हालात को हमें समझना होगा। उन्होंने कहा, देश के लोगों को गुमराह मत करो। अधीर रंजन चौधरी कह रहे है कि जम्मू-कश्मीर में अभी सब कुछ नॉर्मल नहीं है। उन्होंने कहा कि हम तो बता रहे हैं लेकिन कांग्रेस भी बताए कि उन्होंने 70 साल में क्या किया। जो अटैक कर रहे हैं अपने गिरेबान में झांककर देखें।
इससे पहले लोकसभा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को सूचित किया था कि शनिवार को सदन की बैठक सुबह 10 बजे शुरू होगी। बीजेपी ने अपने सदस्यों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया था। बजट सत्र का पहला चरण 29 सितंबर से 13 फरवरी तक चलना है, वहीं दूसरा चरण 08 मार्च से 08 अप्रैल तक चलेगा। पहले चरण में राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार को समाप्त हो चुकी है अत: शनिवार को राज्यसभा की बैठक नहीं होगी।
3 परिवारों ने J&K के लोगों की सेहत के लिए क्या किया?’
अमित शाह ने बताया कि 370 हटने से ही J&K में पंचायत सरकार मजबूत हुई। आपकी चार पीढ़ी ने जो काम किया, वो हमने डेढ़ साल में किया। शाह ने दावा किया कि जिन्हें 70 साल में बिजली नहीं मिली, 17 महीने में दिया। गृहमंत्री शाह ने पूछा कि ‘3 परिवारों ने J&K के लोगों की सेहत के लिए क्या किया?’ किसके दबाव में धारा 370 को इतने समय तक चालू रखा? आप 17 महीने में हिसाब मांगते हो, 70 साल तक जब अस्थायी धारा 370 चली उस वक़्त हिसाब क्यों नहीं मांगते थे? अस्थायी प्रावधान को नहीं उखाड़ा क्योंकि वोट बैंक की राजनीति करनी थी।
जम्मू-कश्मीर के सभी अफसर भारत माता की संतान: शाह
गृहमंत्री शाह ने पूछा कि विपक्ष बताए, क्या J&K देश का हिस्सा नहीं है क्या? हमने J&K में पंचायती राज की स्थापना की अमित शाह ने कहा कि राजा अब रानी की पेट से पैदा नहीं होंगे, वोट से होंगे। राजा अब दलित, गरीब के वोट से पैदा होंगे। जम्मू-कश्मीर के सभी अफसर भारत माता की संतान हैं।
‘सही समय पर J&K को मिलेगा राज्य का दर्जा’
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जिनको पीढ़ियों तक शासन करने का मौका दिया वो अपने गिरेबान में झांक कर देखें कि हम हिसाब मांगने के लायक हैं या नहीं। इस बिल(जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन(संशोधन) विधेयक, 2021) का जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने से कोई लेना-देना नहीं है, उपयुक्त समय पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिया जाएगा।
जनता को गुमराह न करे विपक्ष: शाह
लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष को राजनीति करने के लिए जम्मू कश्मीर के संबंध में ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए, जिससे जनता गुमराह हो। विपक्ष के लिए हर चीज हिंदू-मुस्लिम है। अफसरों की संख्या पर भी हिंदू-मुस्लिम करते हैं। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने तो J&K में मोबाइल सेवा ही बंद कर दिया था। विपक्ष बताए, किसके दवाब में 370 चालू रखा था। वोट बैंक की राजनीति के लिए 370 को रखा गया, देश वोट बैंक की राजनीति से नहीं चलता।
70 साल आपने क्या किया उसका हिसाब लाए हो?’
अधीर रंजन चौधरी के जवाब में अमित शाह ने कहा धारा 370 हटाने के वक्त जो वादे किए गए थे उनका क्या हुआ, 17 महीने हो गए, आप हमसे हिसाब मांग रहे हो, 70 साल आपने क्या किया उसका हिसाब लाए हो। 70 साल ठीक से चलाया होता तो हमसे हिसाब नहीं मांगना पड़ता। 370 को हटाने का यह मसला कोर्ट में है, कोर्ट ने इस कानून पर स्टे नहीं लगाया है, विचाराधीन रखा है, कोर्ट पूछेगी तो हम जवाब देंगे। कहीं यह नहीं कहा गया है कि इस पर अमल नहीं हो सकता, यह नहीं हो सकता कि हम जम्मू कश्मीर का विकास रोककर बैठ जाएं।
आर्टिकल 370 पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आपने आर्टिकल 370 को खत्म करने के बाद जो सपने दिखाए थे, वे पूरे नहीं हुए हैं। जम्मू-कश्मीर सामान्य स्थिति में अभी तक नहीं लौटा है। 90,000 करोड़ रुपये से अधिक का स्थानीय कारोबार खत्म हो गया है। हम चाहते हैं कि आप हमें बताएं कि आप जम्मू-कश्मीर में चीजों को कैसे सुधारेंगे?
राहुल हमेशा करते हैं प्रधानमंत्रियों का अपमान- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर विभिन्न मुद्दों पर अनर्गल बयानबाजी का आरोप लगाया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा प्रधानमंत्री का अपमान करते हैं। फिर चाहे अब के प्रधानमंत्री हों या फिर तब के प्रधानमंत्री।
राहुल गांधी ने कृषि कानून का एक भी क्लॉज नहीं बताया, जो किसानों के खिलाफ हो: वित्त मंत्री
मैंने सोचा कि कृषि कानूनों के एक खंड को निकालकर राहुल गांधी संसद में कहेंगे कि इसकी वजह से किसानों को नुकसान होने वाला है, इसका हम समर्थन नहीं करेंगे। ऐसा करके इन तीनों कानूनों से एक तो ऐसा क्लॉज बताएंगे कि जो किसानों के खिलाफ है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैंने सोचा कि कृषि कानूनों के एक खंड को निकालकर राहुल गांधी संसद में कहेंगे कि इसकी वजह से किसानों को नुकसान होने वाला है, इसका हम समर्थन नहीं करेंगे। ऐसा करके इन तीनों कानूनों से एक तो ऐसा क्लॉज बताएंगे कि जो किसानों के खिलाफ है लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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