रायगढ़. रायगढ़ जिले के एक गाँव के ग्रामीणों ने जर्जर सड़क निर्माण की मांग को लेकर सड़क में उतर कर आर पार की लड़ाई का आगाज कर दिया है। ग्रामीणों के इस आंदोलन के बाद दो दिनों से यहां भारी वाहनो का परिचालन पूरी तरह से बंद हो चुका है और भारी वाहनो की लम्बी कतार लग गई है। गाँव के ग्रामीण रात में भी धरना स्थल में खाना खाकर वहीं सो कर आंदोलन में डटे हुए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ जिले छाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चंद्रशेखर पुर के ग्रामीण मंगलवार की सुबह से ही सड़क निर्माण की मांग को लेकर सड़क में उतर कर आंदोलन का रुख अख्तियार कर चुके हैं और इस आंदोलन के बाद सड़क के दोनों तरफ भारी वाहनो की लम्बी कतार लग चुकी है। अपनी मांगों को लेकर गांव के ग्रामीण कल बुधवार की सुबह फिर से सड़क में बैठकर चक्काजाम कर रहे थे।
पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
गांव के ग्रामीणों ने बताया कि इस दौरान दोपहर में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के आंदोलन को नौटंकी कह दिया जिससे ग्रामीण आक्रोशित होकर उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दिया। जिसके बाद वे मौके से वापस चले गए। गांव के ग्रामीण रात को धरना स्थल पर ही खाना खाकर वही सो गए और आज वे एक बार फिर से सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है।
भारी वाहनों की लगी लंबी कतार
चंद्रशेखरपुर गांव के ग्रामीणों के द्वारा पिछले दो दिनों से चक्काजाम आंदोलन के बाद से मार्ग में भारी वाहनों का परिवहन पूरी तरह से बंद हो चुका है जिससे यहां सड़क के दोनों तरफ भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई है और कोयला परिवहन भी पूरी तरह से ठप्प हो गया है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक सड़क निर्माण शुरू नही हो जाता वे धरने से उठने का तैयार नही हैं।
कई तरह की परेशानी आ रही सामने
चंद्रशेखरपुर की महिला प्रिंसी पटेल ने बताया कि कल सुबह 9 बजे वे लोग सड़क निर्माण की मांग को लेकर चक्काजाम में बैठे हुए है और अभी तक 36 घंटा बीत चुका है। महिला का कहना था कि सड़क खराब होनें के चलते यहां उड़ने वाले धुंए से गांव के लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिला का कहना था कि चक्काजाम की जानकारी के बाद मौके पर एक अधिकारी पहुंचे है और उन्होंने कहा कि यहां क्या नौटंकी चल रहा है।
थूक पालिस का काम होते आ रहा
चंद्रशेखर पुर के आनंद गुप्ता ने बताया कि पहले यहां डामर रोड का निर्माण किया गया था जब यहां उसकी जरूरत नही थी। यहां सीसीरोड की जरूरत थी वो भी डिवाईडर के साथ, वे अपनी मांगों को लेकर चार सालों से धरना प्रदर्शन करते आ रहे हैं और हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा है। सड़क निर्माण के नाम पर यहां अभी तक थूक पालिस का काम होते आया है। खराब सड़क की वजह से यहां के लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ते जा रहा है।
कागजों पर मिला सड़क बनाने का आश्वासन
जिला पंचायत सदस्य रजनी राठिया ने बताया कि 15 साल से यहां की सड़क अत्यंत जर्जर है। सड़क के अलावा यहां और भी अनेको समस्या है लेकिन वे सिर्फ सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अभी तक उन्हें कागजों पर ही सड़क बनाने का आश्वासन मिलते आया है और सड़क अभी तक नही बना है।
