सुकमा। लगातार हो रहे नक्सल विरोधी अभियानों के बीच माओवादियों की बड़ी साज़िश का पर्दाफाश हुआ है। सुकमा में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ध्वस्त कर दी है, जहाँ से दो बड़े बीजीएल लांचर बरामद किए गए हैं। यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि अब नक्सली बड़ी आकर और घातक हथियार तैयार करने की कोशिश कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, जिला बल सुकमा और कोबरा 203 बटालियन की संयुक्त टीम को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद 26 सितंबर को कैम्प मेट्टागुड़ा से टीम ईरापल्ली और कोईमेंटा के जंगल-पहाड़ियों की ओर रवाना हुई। सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की इस हथियार निर्माण फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया।
सुरक्षाबलों को मौके से भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद हुए। इनमें बीजीएल लांचर, बीजीएल हेड्स, डायरेक्शनल आईईडी पाइप्स, ट्रिगर मैकेनिज्म, वर्टिकल मिलिंग मशीन, गैस कटर हेड्स और अन्य सामग्रियां शामिल हैं। नक्सलियों का इरादा सुरक्षाबलों को भारी नुकसान पहुँचाने का था, लेकिन यह कार्रवाई उनके मंसूबों पर पानी फेर गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिला सुकमा में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान का यह एक और बड़ा कदम है। सुरक्षा बलों का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयाँ भविष्य में और तेज़ की जाएँगी, ताकि क्षेत्र से नक्सलवाद की जड़ें पूरी तरह उखाड़ी जा सकें।
