रायपुर । विधानसभा में धान खरीदी को लेकर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने हंगामा कर दिया है। मंत्री पर सदन में झूठ बोलने का आरोप लगाया। सत्तापक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। वहीं, धमतरी नगर निगम में के व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण को लेकर सरकार को घेरा गया। मंत्री पर आराेप लगाए गए। इसको लेकर हंगामा हुआ। जवाब न मिलने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
धान खरीदी पर विपक्ष ने कहा-मंत्री एक भी प्रश्न का उत्तर नहीं दे पा रहे हैं। विपक्ष ने कस्टम मीलिंग में गड़बड़ी की सदन की कमेटी से जांच कराने की मांग की। हंगामे के बीच जब मंत्री अमरजीत भगत विपक्ष के सवालों से घिर गए तो पहले मंत्री मोहम्मद अकबर फिर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनके बचाव में उतरे।
मंत्री मोहम्मद अकबर और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी बहस होने लगी। सत्तापक्ष के सदस्यों ने विपक्ष को नान घोटाले की याद दिलाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र ने पत्र लिखकर कहा कि राज्य सरकार बोनस दे रही है। हमने इसे लेकर केंद्रीय खाद्य मंत्री से मुलाकात की। चावल उठाव का कोटा बढ़ाने की मांग की है।
केंद्र से अनुमति मिलने में देरी हुई। कोरोना संकट की वजह से भी परिस्थितियां बदली है। भारत सरकार की सोच इस मामले में अलग है, राज्य सरकार की स्थिति अलग है। राज्य सरकार की अनुशंसा गड़बड़ी की नहीं है। मैं कल भी दिल्ली जा रहा हूं। चावल उठाव का कोटा बढ़ाने की चर्चा करेंगे। किसी की मंशा गड़बड़ी करने की नहीं रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा गड़बड़ी की नहीं है। हमें एथेनाल प्लांट की अनुमति भी नहीं दी जा रही है। हमारा प्रयास है कि किसानों के अनाज का सम्मान हो। विपक्ष के सदस्य चाहेंगे तो इस विषय पर सारी जानकारी दी जाएगी। अगर उससे भी विपक्ष के सदस्य असहमत हैं तो उचित माध्यम है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आसंदी ने धान खरीदी और कस्टम मीलिंग पर आधे घंटे चर्चा कराने की व्यवस्था दे दी।
चंद्राकर ने पूछा था सवाल
धान खरीदी को लेकर भाजपा विधायक अजय चंद्राकार ने सवाल पूछा था कि प्रदेश में कितनी धान खरीदी की गई और कितने धान संग्रहण केंद्र में है। मीलिंग के बाद चावल नान में जमा हो रहा है कि एफसीआई में जमा हो रहा है। मंत्री भगत ने जवाब दिया कि दोनों ही स्थानों में चावल जमा कराया जा रहा है। कोरोना संकट की वजह से कस्टम मीलिंग में देरी हुई। इसके बाद चावल के कस्टम मीलिंग को लेकर अजय चंद्राकार और अमरजीत भगत के बीच तीखी बहस होने लगी। चंद्राकार ने एफसीआई के चावल लेने के नियमों को सदन के पटल पर रखने की मांग की।
28 लाख मीट्रिक टन जमा करना था चावल
मंत्री ने कहा कि एफसीआइ के नियमों के मुताबिक ही धान जमा कराया गया। शिवरतन शर्मा ने पूछा- सेंट्रल पूल में चावल जमा करने की तारीख बढ़ाने के बावजूद चावल जमा नहीं हो सका। क्या वजह रही कि तय समय सीमा के अनुसार चावल नहीं जमा हो सका। विभाग क्या कर रहा था? कितना चावल जमा करना था, कितना चावल जमा कर पाए। मंत्री ने कहा कि 28 लाख मीट्रिक टन चावल जमा करना था। लगभग ढाई लाख मीट्रिक टन चावल कस्टम मीलिंग में देरी की वजह से जमा नहीं हो सका।
