जगदलपुर. नक्सलियों को लीडर करने वाले सीसीएम मेंबर ने आज अपने 60 साथियों के साथ मिलकर महाराष्ट्र राज्य के गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण कर दिया, इस समर्पण के साथ ही नक्सली टीम पूरी तरह से ध्वस्त हो गई, वही अब गिने चुने ही टॉप नक्सली बचे हुए है, जो पुलिस के टॉप लिस्ट में है, उन्हें भी सरेंडर करने की बात कही जा रही है, नही तो आने वाले दिनों में सजा भुगतने के लिए तैयार रहे, सोनू दादा उर्फ भूपति के ऊपर डेढ़ करोड़ का इनाम घोषित था, वही सोनू दादा ने पहले ही इस बात को कह दिया था कि वह अपने साथियों के साथ आत्मसर्पण करना चाह रहा है,
बता दे कि नक्सली संगठन के शुरुआत से ही सोनू दादा उर्फ भूपति उसका बड़ा भाई किशन जी, भाभी सुजाता के अलावा सोनू दादा की पत्नी जुड़ गई थी, जहाँ लंबे समय से पूरा परिवार नक्सलियों की विचारधारा से जुड़कर काम कर रहे थे, जहाँ सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर के अलावा राज्य हर बड़ी घटनाओ में शामिल थे, धीरे धीरे इनका नाम हर जगह गुजने लगा, सोनू दादा के ऊपर डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम घोषित था,
नक्सलियों के टॉप लीडर रहे किशन जी का छोड़ा भाई है सोनू दादा उर्फ भूपति, किशन जी को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया, किशन जी की मौत के बाद उनकी पत्नी सुजाता काफी अकेले हो गई, जिसके बाद उसने तेलंगाना में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया, वही सोनू दादा की पत्नी तारक्का ने भी करीब 6 माह पहले गढ़चिरौली में आत्मसर्पण कर दिया था, पत्नी के द्वारा बार बार सोनू दादा को आत्मसमर्पण के लिए कहा जा रहा था, जिसके बाद सोनू ने अपने 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया, सोनू दादा ब्राह्मण परिवार से है, 67 वर्षीय सोनू दादा का असली नाम मल्लोजूला वेणुगोपाल राव है, वही सोनू दादा के कई नाम भी है, जिसमें सोनू उर्फ विवेक उर्फ भूपति उर्फ सोनू दादा उर्फ भूपति है, सोनू दादा ने बी काम करने के साथ ही आईटीआई भी कर चुके है, वही सोनू दादा सीसीएम, पीबीएम, सीआरबी सचिव, प्रवक्ता सीपीआई माओवाद भी रह चुके है,
देखा जाए तो भूपति उर्फ सोनू दादा ने संगठन में हर बड़े से बड़े घटनाओं में शामिल होकर काम किया, लेकिन लगातार संगठन में चल रहे दो फाड़ के चलते सोनू दादा अकेले हो गए, वही सोनू ने अपने दुख को साझा करते हुए कुछ दिन पहले समर्पण करने की बात कही और आखिरकार आज समर्पण कर दिया,
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