चुनाव आयोग राजधानी दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना को ध्यान में रखते हुए चुनाव होंगे। इन चुनावों के दौरान कुल 824 विधानसभा क्षेत्र चुनाव के लिए जाएंगे। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुदुचेरी के 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर 18.68 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। चुनाव के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त, सुनील अरोड़ा ने कहा, चुनाव के दौरान पर्याप्त सीएपीएफ तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। सभी महत्वपूर्ण, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान और पर्याप्त संख्या में सीएपीएफ की तैनाती की जाएगी। तारीखों का एलान होते ही इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। पिछले दिनों इसे लेकर चुनाव आयोग ने बैठक भी की थी। चार राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई- जून में समाप्त हो रहा है। वहीं पुडुचेरी में राष्ट्रपति शासन लागू है। यहां वी नारायणसामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने सोमवार को विश्वास मत से पहले इस्तीफा दे दिया था। पार्टी के कई विधायकों के इस्तीफा देने के बाद सरकार अल्पमत में आ गई थी।
यह है राज्यों की स्थिति
31 मई तक असम विधानसभा का कार्यकाल, सं। विधानसभा सीटों 126, एससी -8, एसटी -16; तमिलनाडु का कार्यकाल- मई 24, सं। सीटों की संख्या 234, एससी -44, एसटी -2; मई 30 तक डब्ल्यूबी विधानसभा की अवधि, सीटें 294, एससी -68, एसटी -16; केरल विधानसभा -1 जून, सीटें -140, एससी 14, एसटी -2; पुदुचेरी सीटें -30 एससी -5, सभी की नजरें पश्चिम बंगाल पर है जहां भाजपा, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को कड़ी चुनौती दे रही है।
इस संबंध में चुनाव आयोग पिछले दिनों से ताबड़तोड़ बैठके कर रहा है। सबसे चुनौती सुरक्षा की है। कोरोना काल में यह सबसे बड़ा चुनाव अभियान है। पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 294 विधानसभा सीटे हैं। यहां चुनावी हिंसा का इतिहास देखते हुए चुनाव आयोग पांच से सात चरणों में चुनाव कराने का फैसला कर सकता है। इन तारीखों का ऐलान होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।
