सरकारी जमीन पर धड़ल्ले से डंप हो रहा अवैध फ्लाई एश, शिकायत के बावजूद आज तक नही हो रही कार्रवाई, क्षेत्र के लोगों में आक्रोश

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सारंगढ़। फ्लाई एश डंपिंग में मिली अनुमती के नाम पर संबंधित कंपनी द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए निजी जमीन की बजाये सरकारी जमीन जो कि छोटे झाड के जंगल के रूप में दर्ज है उसे न केवल पाटा जा रहा है जबकि वहां के पानी स्त्रोतो को बंद कर उस क्षेत्र को बर्बाद करने का प्रयास किया जा रहा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र के ग्राम जोतपुर में सरकारी जमीन इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है जहां दिन व रात अडानी कंपनी द्वारा 30 एकड़ सरकारी जमीन को पाटा जा रहा है और इसकी शिकायत के बाद भी सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम जोतपुर में निजी जमीन में फ्लाई एश डंपिंग के साथ-साथ सरकारी जमीन पर भी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से फ्लाई एश डंप किया जा रहा है। इस मामले में कई शिकायत करने के बावजूद संबंधित अधिकारी इस ओर किसी तरह की कोई कार्रवाई नही की जा सकी है। बताया जा रहा है कि फ्लाई एश डंपिग करने का आदेश अडानी पावर लिमिटेड बड़े भंडार को खसरा नंबर- 121-1, 121-2, 121-3, 122-1, 117-2, 118-2, 123-1 टोटल रकबा 0.4330 हेक्टेयर में 50 हजार में दिया गया था। परंतु इस मामले में मजेदार बात यह है कि क्षेत्रीय अधिकारी के यहां आवेदन लगाने से पहले ही खनिज शाखा सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने 2 सितंबर 2025 को ही एक प्रायवेट ट्रांसपोर्टर के नाम से एनओसी जारी कर दी गई थी। जबकि सरिया तहसीलदार के द्वारा 10 सितंबर 2025 को प्रायवेट ट्रांसपोर्टर के नाम से एनओसी जारी किया गया था। इस मामले में क्षेत्र के पटवारी का प्रतिवेदन भी नही लिया गया था जबकि नियमतः देखा जाये तो कंपनी के नाम से क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी के यहां आवेदन होता है एवं कंपनी के नाम से परमिशन दिया जाता है। आवेदन के बाद ही तहसीलदार, एसडीएम, खनिज शाखा के द्वारा अनापत्ति पत्र जारी किया जाता है। लेकिन इसके बावजूद विभाग के द्वारा नियम विपरीत अडानी के नाम से परमिशन जारी कर दी गई।

जानकारी के मुताबिक सरकारी जमीन खसरा नंबर 109, 110, 111, 120 टोटल रकबा 11.857 हेक्टेयर जो कि लगभग 30 एकड़ है। उक्त सरकारी जमीनें पानी के नीचे की मद में सड़क एवं छोटे झाड के जंगल में दर्ज है। जिसमें फ्लाई एश डंपिग करना अवैधानिक है। लेकिन उक्त जमीन में अवैध रूप से करीब 300000 टन फ्लाई एश मिलीभगत से डंप किया गया है। जिससे छोटे झाड का जंगल एवं पानी मद की जमीन पूरी तरह से नेस्तानाबूद हो रही है।
क्षेत्र के लोगों ने कई बार मांग कर चुके हैं कि उक्त स्थल की जांच कराकर सीमांकन कराया जाये एवं अवैध रूप से डंप फ्लाई एश को तत्काल सरकारी जमीन से हटाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाये।

जूनियर साईनटिस्ट का है पूरा कमाल
इस मामले में सबसे रोचक बात यह है कि रायगढ़ जिला पर्यावरण विभाग में कार्यरत जूनियर साईनटिस्ट सतीश पटेल पूरे विभाग में फ्लाईएश अनुमती व उसके डंपिंग की निगरानी रखता है और उसकी देखरेख में संबंधित कंपनियों द्वारा फ्लाईएश की डंपिंग करने के बाद जांच भी की जाती है। लेकिन ग्राम जोतपुर के मामले में इसी जूनियर साईनटिस्ट द्वारा अडानी कंपनी के साथ मिलीभगत करके सरकारी जमीन को नक्शे से गायब करने का मन बना लिया है।

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Author: kakajee

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