शातिर बाइक चोर विकेश दास महंत गिरफ्तार, पुलिस ने न्यायिक रिमांड पर भेजा, आरोपी की पूंजीपथरा, तमनार, घरघोड़ा और रायगढ़ बाजारों से 25 बाइक चोरी में संलिप्तता

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रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संगठित वाहन चोर गिरोह के मुख्य आरोपी और शातिर बाइक चोर विकेश दास महंत (27 वर्ष), पिता गनपत दास महंत, निवासी सांगीतराई डीपापारा जूटमिल को साइबर थाना और पूंजीपथरा पुलिस ने 9 फरवरी की शाम गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
आरोपी पूर्व में भी बाइक चोरी प्रकरण में गिरफ्तार हो चुका था तथा जेल से छूटने के बाद साइबर थाना एवं पूंजीपथरा पुलिस उसकी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखे हुए थे। 9 फरवरी को आरोपी को पुनः पूंजीपथरा क्षेत्र में संदिग्ध रूप से घूमते देखा गया, जिस पर संयुक्त टीम द्वारा घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। आरोपी को थाना पूंजीपथरा में धारा 303(2) एवं 112(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विदित हो कि 1 फरवरी को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने एक संगठित बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया था। गिरोह द्वारा बाइक चोरी कर उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कर बाजार में बिक्री किए जाने का खुलासा हुआ था। कार्रवाई में गिरोह के मुख्य आरोपी मुकेश चौहान सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर 25 चोरी की बाइक, एक एप्पल लैपटॉप तथा एक कलर प्रिंटर जब्त किया गया था।
जांच में सामने आया था कि गिरोह चोरी की बाइक को खपाने के लिए सुनियोजित तंत्र का उपयोग करता था। थाना पूंजीपथरा एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम द्वारा दो चोरी की बाइक के साथ पकड़े गए मुकेश प्रधान से पूछताछ में खुलासा हुआ कि बाइक ऑटो डीलर नेटवर्क के माध्यम से बेची जाती थीं। लैलूंगा के ऑटो डीलर से जुड़े व्यक्तियों और पूर्व कंप्यूटर ऑपरेटरों की मदद से लोक सेवा केंद्र के जरिए वाहनों के फर्जी पंजीयन एवं आरसी तैयार किए जाते थे। आरोपी अजय पटेल चोरी की बाइक के चेचिस नंबर से वास्तविक मालिक की जानकारी निकालकर ऑनलाइन पीबीसी कार्ड मंगवाता, उसमें कंप्यूटर से हेरफेर कर फर्जी आरसी तैयार करता और ट्रांसफर कार्ड पर कूटरचित हस्ताक्षर कर डीलरों व आम खरीदारों को भ्रमित किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों से लैपटॉप, प्रिंटर एवं पीबीसी कार्ड जब्त किए हैं।
बरामद तीन बाइक थाना पूंजीपथरा के अपराध से संबंधित पाई गई हैं। आरोपियों द्वारा संगठित रूप से अपराध किए जाने पर प्रकरण में धारा 112(2) बीएनएस के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धारा 317(2) एवं 336(3) बीएनएस जोड़ी गई है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा है कि संगठित वाहन चोरी गिरोहों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी तथा आम नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

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Author: kakajee

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