राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में शहीद वीर नारायण सिंह महाविद्यालय, जोबी में आज एक दिवसीय भव्य विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन

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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में शहीद वीर नारायण सिंह महाविद्यालय, जोबी में आज एक दिवसीय भव्य विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी ने न केवल छात्र-छात्राओं की वैज्ञानिक सोच को उजागर किया, बल्कि परिसर में विज्ञान के प्रति उत्साह और जागरूकता की लहर भी पैदा की।कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के मुख्य प्रांगण में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य श्री आर.के. थवाईत ने सर सी.वी. रमन के चित्र पर माल्यार्पण कर रमन प्रभाव की खोज को याद किया, जिसके लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “विज्ञान केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान है। आज के युवा ही कल के वैज्ञानिक और नवाचारी होंगे।”प्रदर्शनी में विज्ञान संकाय के लगभग 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिन्होंने बायोमिमिक्री के थीम पर कुल 15 से अधिक मॉडल और प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए, जिनमें से कुछ कार्यशील और बाकी स्थिर थे इसके साथ साथ जीवों के स्पेसिमेन, तथा 290 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्म भी प्रदर्शित किए गए, कुछ प्रमुख आकर्षण इस प्रकार रहेःडॉल्फिन आधारित सोनार प्रणाली,चींटियों के चाल पर आधारित ट्रैफिक पद्धति फाल्कन चिड़िया पर आधारित मिसाइल्स सिस्टम ,जुगनू के ल्यूमिनियस सिस्टम पर आधारित एलईडी,वेल के फिन पर आधारित पवन चक्की

मच्छर के डंक पर आधारित इंजेक्शन,विद्यार्थियों ने कैक्टस तथा ऊंट पर आधारित वाटर स्टोरेज सिस्टम के प्रोटोटाइप का भी प्रदर्शन किया । छात्राओं की एक टीम ने ’महिलाएं विज्ञान में’ इस थीम पर सभी को विस्तृत जानकारी दी, जिसमें भारत की प्रमुख महिला वैज्ञानिकों (जैसे टेस्सी थॉमस, राकेश शर्मा की साथी कल्पना चावला आदि) के योगदान के विषय में बताया गया।

कार्यक्रम का संयोजन सहा.प्राध्यापक (प्राणिशास्त्र) व आईक्यूएसी प्रभारी ज्ञानमणि एक्का ने किया, उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य छात्रों में शोध की भावना जगाना और विज्ञान को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ना था। दोपहर तक चली इस प्रदर्शनी में प्राचार्य तथा अन्य विषयों के सहा. प्राध्यापकों ने भी इस आयोजन की खूब सराहना की ।

यह आयोजन महाविद्यालय के विज्ञान परिवार के लिए गर्व का क्षण रहा और यह साबित किया कि युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भरमार है । कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक प्राध्यापक श्री वासुदेव पटेल, ,श्री एस.पी. दर्शन, श्री योगेंद्र राठिया, श्री राम नारायण जांगड़े,श्री आदित्य राज गुप्ता, श्री के.के. साहू, श्रीमती रेवती राठिया, कार्यलीयन स्टॉफ हितेश, पी एस सिदार, रानू चंद्रा, महेश सिंह, महात्मा, मोहन सारथी एवं समस्त महाविद्यालय के स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

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Author: kakajee

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