छात्र ने शिक्षिका पर धर्म का अपमान करने का लगाया आरोप, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

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धरमजयगढ़। विकासखंड धरमजयगढ़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाकारुमा में पढ़ाई के दौरान की गई कथित टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कक्षा 9वीं के एक छात्र ने विद्यालय की शिक्षिका पर उसके धर्म और धार्मिक परंपराओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है, जिससे छात्र और उसके परिजन आहत बताए जा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कक्षा 9वीं ‘बी’ के छात्र योगेश शर्मा ने बताया कि 23 फरवरी को विद्यालय में नियमित कक्षाएं संचालित हो रही थीं। इसी दौरान हिंदी विषय की शिक्षिका सोसेन तिर्की कक्षा में पढ़ा रही थीं। छात्र का आरोप है कि उसके माथे पर लगे तिलक को देखकर शिक्षिका ने ब्राह्मण समाज और धार्मिक परंपराओं को लेकर टिप्पणी की।
छात्र के मुताबिक शिक्षिका ने कहा कि “तुम ब्राह्मण लोग माथे पर बड़ा तिलक और पूजा-पाठ केवल दक्षिणा के लिए करते हो, तुम्हारा ब्राह्मण समाज और धर्म ढोंग करता है।” छात्र का कहना है कि इस तरह की बातों से उसे गहरी ठेस पहुंची। उसने कक्षा में विनम्रता से अपनी बात रखने की कोशिश भी की, लेकिन उसके अनुसार शिक्षिका ने अपनी बात दोहराई।
घटना से आहत छात्र ने इसे अपने धर्म का अपमान बताते हुए विद्यालय के प्राचार्य को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई। छात्र का आरोप है कि विद्यालय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर उसने पूरी घटना की जानकारी अपने परिजनों और शिक्षा अधिकारियों को फोन के माध्यम से दी।

मामले की जानकारी मिलने पर छात्र के पिता विद्यालय पहुंचे और शिक्षिका से चर्चा की। पिता का आरोप है कि शिक्षिका ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय ऐसी टिप्पणी करने से ही इनकार कर दिया और इसे छात्र की गलतफहमी बताया। हालांकि कक्षा में मौजूद कुछ अन्य छात्रों ने भी कथित घटनाक्रम की पुष्टि की है।
परिजनों का यह भी आरोप है कि बाद में समझौते के नाम पर एक सहमति पत्र तैयार कर उनसे हस्ताक्षर करा लिए गए। छात्र के पिता का कहना है कि वे अधिक पढ़े-लिखे नहीं हैं और स्वास्थ्य की स्थिति भी ठीक नहीं है, इसलिए उन्हें उस कागज की पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। परिजनों ने यह सवाल भी उठाया है कि यदि छात्र का आरोप गलत था तो फिर समझौता पत्र पर हस्ताक्षर क्यों कराए गए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब छात्र ने प्राचार्य को लिखित और मौखिक रूप से शिकायत दी थी तो उस पर तत्काल ध्यान क्यों नहीं दिया गया। छात्र का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी धरमजयगढ़ को भी फोन के माध्यम से दी जा चुकी है। फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और छात्र के परिजनों में नाराजगी बनी हुई है।

परिजनों का कहना है कि उनके समाज और सनातन धर्म को लेकर की गई टिप्पणी से वे आहत हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में संज्ञान लेकर न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं होती है तो वे जिला प्रशासन तक जाने को बाध्य होंगे।

फिलहाल अब यह देखना होगा कि विभाग को दी गई शिकायत के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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Author: kakajee

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