अफीम मामले पर सियासी संग्राम तेज, कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना का भाजपा पर तीखा प्रहार

by Kakajee News

 

रायगढ़ जिले में अवैध अफीम की खेती उजागर होने के बाद प्रदेश की राजनीति में घमासान मच गया है। सत्ता पक्ष के नेताओं द्वारा कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों का अब कांग्रेस ने जोरदार खंडन किया है। कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने भाजपा नेताओं के बयानों को “भ्रामक, तथ्यहीन और ध्यान भटकाने वाला” करार देते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

तारेन्द्र डनसेना ने कहा कि छत्तीसगढ़ को नशे के जाल में किसने धकेला, यह अब पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है और इसके प्रमाण लगातार सामने आ रहे हैं। भाजपा पहले यह बताए कि अफीम की खेती का पहला खुलासा कहां हुआ था, और वह व्यक्ति भाजपा के किस पद पर था । उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए विपक्ष पर आरोप मढ़ रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि जिन क्षेत्रों में अफीम की खेती पकड़ी जा रही है, वहां बिना स्थानीय संरक्षण के इस तरह की गतिविधियां संभव ही नहीं हैं।

उन्होंने भाजपा पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जिस छत्तीसगढ़ को पूरे देश में “धान का कटोरा” कहा जाता है, उसी प्रदेश की पहचान को धूमिल करने का काम वर्तमान सत्ता में बैठे लोगों ने किया है। डनसेना ने दावा किया कि भाजपा के कुछ प्रभावशाली नेताओं के संरक्षण में गुप्त रूप से अफीम की खेती कराई जा रही थी और अब जब प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए यह मामला उजागर हो रहा है, तो सच्चाई से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि भाजपा की “जीरो टॉलरेंस” नीति केवल कागजों और भाषणों तक सीमित है। यदि सरकार वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर होती, तो अब तक इस पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दोषियों को सजा दिलाई जा चुकी होती। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन लोगों के संरक्षण में इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खेती होती रही और अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

डनसेना ने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि राजनीतिक प्रभाव से परे जाकर सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि केवल छोटे किसानों या मजदूरों पर कार्रवाई कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती, बल्कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद “बड़े चेहरों” को भी उजागर करना होगा।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस हमेशा से नशामुक्त समाज के पक्ष में रही है और इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की पक्षधर है। लेकिन वर्तमान में जिस तरह से सरकार खुद कटघरे में खड़ी है, उसे पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

अंत में तारेन्द्र डनसेना ने भाजपा को आत्ममंथन की सलाह देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता अब जागरूक है और राजनीतिक बयानबाजी के बजाय ठोस कार्रवाई देखना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनआंदोलन खड़ा करेगी और सच्चाई को जनता के सामने लाकर रहेगी।

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