दिनांक 28 अप्रेल मंगलवार को शहीद नंदकुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़ के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारियों की आनलाईन बैठक कुलपति प्रोफेसर विनय चौहान की अध्यक्षता में की गई । विदित हो कि संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की देशव्यापी सर्वेक्षण कार्यक्रम ज्ञान भारतम एवं राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के संबंध में दिनांक 22.04.26 को प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा ली गई बैठक और उनसे प्राप्त निर्देश के साथ-साथ सचिव उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा प्राप्त निर्देश पर कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना की उक्त ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई जिसमें विश्वविद्यालय अंतर्गत आने वाले रायगढ़ जांजगीर-चंपा शक्ति एवं सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला संगठक एवं इन चारों जिलों से रा.से.यो. कार्यक्रम अधिकारी सहभागी रहे । इस मिटिंग में सक्रिय और उत्साही स्वयंसेवकों को भी जोड़ा गया था ।
ऑनलाइन मीटिंग के शुभारंभ अवसर पर शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रविंद्र कौर चौबे द्वारा मीटिंग के उद्देश्य एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी व स्वयं सेवकों से अपेक्षाओं की जानकारी दी गई पांडुलिपि सर्वेक्षण संरक्षण संवर्धन में भारत सरकार के निर्देशानुसार एनएसएस को अपनी दायित्व निर्वहन का आग्रह भी किया गया ।
ऑनलाइन मीटिंग में नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय चौहान ने बताया कि भारत विश्व गुरु रहा है और ज्ञान भारतम के लिए हम सब की भूमिका सक्रिय रूप में होनी चाहिए उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक जिला संगठक अपने-अपने जिले में सघन अभियान चलाकर पांडुलिपि एवं पुरातात्विक सामग्रियों के सर्वेक्षण में भूमिका निभाते हुए प्राप्त पांडुलिपि एवं सामग्री एकत्रित कर उसे निर्धारित बेबसाईट में अपलोड करें । बेहतर काम करने वालों को प्रोत्साहन एवं पुरस्कार देने की भी बातें कुलपति चौहान द्वारा कही गई ।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए रविंद्र कौर चौबे ने जिला संगठक जांजगीर चांपा प्रो.भूपेंद्र कुमार पटेल ; रायगढ़ जिला संगठक भोजराम पटेल ; सक्ती जिला संगठक सोमेश घीतोड़े एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला संगठक लोकेश्वर प्रसाद पटेल को भी अपना मंतव्य एवं सुझाव हेतु आमंत्रित किया । प्रो. भूपेंद्र पटेल ने कहा कि शहीद नंदकुमार विश्वविद्यालय क्षेत्र अंतर्गत आने वाले चारों जिले पांडुलिपि और साहित्यिक रचना के दृष्टि से संपन्न क्षेत्र है और यहां पं.लोचन प्रसाद पाण्डेय, पद्मश्री मुकुंडधार पाण्डेय जैसे प्रतिष्ठित पुरातत्वविद साहित्यकारों का योगदान रहा है । रायगढ़ जिला संगठक भोजराम पटेल ने कहा कि कुलपति माननीय विनय चौहान जी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन तथा विश्वविद्यालय रासेयो कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रविन्द्र कौर चौबे के मार्गदर्शन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने हेतु मंतव्य व्यक्त किया गया ।इसी प्रकार सक्ती एवं सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला के जिला संगठको द्वारा अपने-अपने जिले में किए गए कार्यों की प्रगति पर जानकारी दी गई । वहीं वरिष्ठ स्वयं सेवक सुशांत पटनायक ने पांडुलिपी अनुसंधान के संदर्भ में अपना अनुभव साझा करते हुए इस कार्य के योगदान देने की बात कही । ऑनलाइन मीटिंग में शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ के 75 से अधिक कार्यक्रम अधिकारी एवं वरिष्ठ स्वयंसेवक शामिल हुए ।विश्वविद्यालय द्वारा पुरातत्व सामग्री एवं पांडुलिपि खोज व संरक्षण को एक जन अभियान के रूप में गति देते हुए अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लेकर बैठक को विराम दिया गया ।भविष्य में अतिशीघ्र बैठक कर चर्चा परिचर्चा के माध्यम कार्य योजना बनाकर भारत सरकार के मंशानुरूप इस कार्यक्रम को गति देने का भी निर्णय लिया गया ।
