रायगढ़ । धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज के बोजिया में जंगलों के बीच से गुजर रही विद्युत लाइनें वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। इस संबंध में परिक्षेत्र रक्षक बोजिया के द्वारा वन परिक्षेत्र अधिकारी धरमजयगढ़ को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज के बोजिया के अंतर्गत आने वाले जंगल क्षेत्रों में कई स्थानों पर बिजली की लाइनें निर्धारित ऊंचाई से काफी नीचे झूल रही हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि अन्य स्थानों पर खंभों की ऊंचाई सामान्य होने के बावजूद कुछ जगहों पर भूमि की ऊंचाई अधिक होने के कारण बिजली तार जमीन के बेहद करीब आ गए हैं। ऐसे स्थानों पर हाथियों सहित अन्य बड़े वन्यजीवों के संपर्क में आने से करंट लगने की आशंका बनी हुई है।
वन अमले ने चिंता जताई है कि बारिश के मौसम में यह खतरा और बढ़ सकता है। विद्युत तारों के संपर्क में आने से हाथियों की मौत की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में बोजिया में मौजूद झूलती विद्युत लाइनों को लेकर वन विभाग सतर्क हो गया है।
परिक्षेत्र रक्षक द्वारा 28 मई को लिखे गए पत्र में दो संवेदनशील स्थानों का जीपीएस लोकेशन भी दर्ज किया गया है, जहां विद्युत लाइनें बेहद कम ऊंचाई पर पाई गई हैं। वन विभाग ने इन स्थानों का निरीक्षण कर विद्युत विभाग को आवश्यक सुधार कार्य कराने के लिए पत्राचार करने का अनुरोध किया है।
वन विभाग का कहना है कि वर्तमान में क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। ऐसे में यदि समय रहते बिजली लाइनों की ऊंचाई नहीं बढ़ाई गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि वन्य प्राणियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग को तत्काल कार्रवाई के लिए अवगत कराया जाए।
गौरतलब है कि रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल में पिछले कुछ वर्षों के दौरान करंट की चपेट में आने से कई हाथियों की मौत हो चुकी है। वन विभाग ने उम्मीद जताई है कि विद्युत विभाग शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक तकनीकी सुधार करेगा, जिससे हाथियों और अन्य वन्यजीवों को संभावित दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
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