सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर रायगढ़ की 5 फैक्ट्रियों पर कार्रवाई, श्रम न्यायालय ने लगाया लाखों का जुर्माना

by Kakajee News

रायगढ़। जिले में औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और श्रम कानूनों के उल्लंघन पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा रायगढ़ के निरीक्षण में सामने आए उल्लंघनों के आधार पर श्रम न्यायालय रायगढ़ ने पांच उद्योगों के विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों में निर्णय सुनाते हुए संबंधित प्रबंधन पर लाखों रुपये का अर्थदंड लगाया है।
उप संचालक राहुल पटेल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार रायगढ़ जिले में संचालित विभिन्न कारखानों में हुई दुर्घटनाओं के निरीक्षण के दौरान कारखाना अधिनियम 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया था। इसके बाद संबंधित उद्योगों के खिलाफ श्रम न्यायालय में आपराधिक प्रकरण दायर किए गए थे, जिनका निराकरण मई 2026 में किया गया।

इन उद्योगों पर हुई कार्रवाई
1. मेसर्स मां मंगला इस्पात प्रा. लि., नटवरपुर
कंपनी के अधिभोगी हर्षवर्धन गर्ग के खिलाफ कारखाना अधिनियम की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। श्रम न्यायालय ने उन्हें 1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
2. मेसर्स गुरुश्री इंडस्ट्रीज प्रा. लि., देलारी
अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक मुकेश बंसल पर कारखाना अधिनियम और नियमों के उल्लंघन का मामला सिद्ध होने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
3. मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्रा. लि., सराईपाली
कंपनी के अधिभोगी एवं प्रबंधक प्रकाश बेहरा के खिलाफ कारखाना नियमावली के उल्लंघन का मामला दर्ज था। न्यायालय ने उन्हें 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
4. मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, तराईमाल
कंपनी के अधिभोगी विनय कुमार शर्मा और कारखाना प्रबंधक जी. के. मिश्रा पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई। न्यायालय ने दोनों मामलों में 1-1 लाख रुपये, कुल 2 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया।
5. मेसर्स सावित्री राइस मिल, सहदेवपाली
अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक सूर्यकांत अग्रवाल के खिलाफ कारखाना अधिनियम के उल्लंघन का मामला दर्ज था, जिसमें श्रम न्यायालय ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त संदेश
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई को जिले के उद्योगों के लिए एक सख्त चेतावनी माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि कारखानों में श्रमिकों की सुरक्षा, कार्यस्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और कानूनों का पालन सुनिश्चित करना उद्योग प्रबंधन की जिम्मेदारी है। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिला है कि औद्योगिक दुर्घटनाओं और सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वाले उद्योगों को अब किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी तथा श्रमिकों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।

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