रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक के बाद एक हाथी शावकों की मौतों की चर्चा अब प्रदेश स्तर पर होनें लगी है। इस गंभीर मामले को लेकर हाथी शुभचिंतक वैभव जगने से उप वन सचिव को पत्र लिखकर हाथी शावकों की मौत मामले में निष्पक्ष जांच कराने के अलावा इस मामले में गंभीरता पूर्वक कोई पहल करने की मांग की है।
धमतरी जिले के रहने वाले हाथी शुभचिंतक वैभव जगने ने कहा है कि रायगढ़ जिले में लगातार हाथी शवकों की मृत्यु हो रही है, पिछले पांच महीनों के भीतर अलग-अलग घटनाओं में अब तक 9 हाथी शावक की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक इन मौतों के ठोस कारणों का स्पष्ट पता नहीं लगाया जा सका है। आलम यह है कि एक के बाद एक हाथी शावकों की मौत होते जा रही है। ऐसी स्थिति में वन्यजीव संरक्षण के लिए चिंता का विषय है। वैभव जगने ने उप वन सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि विशेषज्ञों की टीम गठित कर प्रत्येक मृत्यु की गहन जांच कराई जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि हाथी केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि प्रकृति के महत्वपूर्ण माली हैं। जंगलों के संरक्षण, बीजों के प्रसार तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में हाथियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हाथियों की घटती संख्या और लगातार हो रही मौतें वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर संकेत हैं।
वैभव जगने ने राज्य सरकार एवं वन विभाग से भी आग्रह किया है कि हाथियों की सुरक्षा, निगरानी एवं संरक्षण के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए, जिससे भविष्य में हाथियों की असामयिक मौतों को रोका जा सके।
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