प्रशिक्षण से स्वावलंबन तक पहुंच रहीं ग्रामीण महिलाएं, विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति एवं NABARD की पहल से महिला उद्यमियों को मिला बाजार का अवसर

by Kakajee News

रायगढ़। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके हुनर को रोजगार एवं आय के साधन में बदलने तथा स्थानीय महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति, रायगढ़ द्वारा संचालित NABARD ग्राम दुकान के माध्यम से महिला उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसी क्रम में महिलाओं द्वारा एसडीएम कार्यालय के सामने, रामभाठा, रेलवे स्टेशन,होटल ट्रिनिटी ग्रैंड तथा रायगढ़ शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर स्टॉल लगाकर अपने द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जा रही है। इन स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं को सीधे ग्राहकों से जुड़ने और अपने उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का अवसर मिल रहा है।
प्रतिदिन ₹3,000 से ₹5,000 तक की बिक्री
महिला उद्यमियों द्वारा लगाए जा रहे इन स्टॉलों में स्थानीय नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। महिलाओं द्वारा विभिन्न स्थानों पर लगाए गए स्टॉलों से प्रतिदिन लगभग ₹3,000 से ₹5,000 तक के उत्पादों की बिक्री की जा रही है।
यह उपलब्धि महिलाओं के लिए केवल आर्थिक आय का माध्यम नहीं, बल्कि उनके हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास को मिली बाजार की पहचान है। इससे यह साबित हो रहा है कि ग्रामीण महिलाओं को यदि उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराया जाए, तो वे अपने हुनर को सफल स्वरोजगार में बदल सकती हैं।
रजनी साव, अनिता साहू और चन्द्रकला पटेल व कुसुमलता साहू बनीं महिला उद्यमिता की मिसाल
इस पहल से जुड़ी महिला उद्यमियों में ग्राम बड़ेहरदी की श्रीमती रजनी साव, ग्राम लोढ़ाझर की श्रीमती अनिता साहू , किरोड़ीमल की श्रीमती चन्द्रकला पटेल प्रमुख रूप से अपने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं।
हाल ही में होटल नारियरा नेशन के सामने, नटवर स्कूल के पास लगाए गए स्टॉल में श्रीमती रजनी साव एवं श्रीमती अनिता साहू द्वारा लगभग ₹4700 के उत्पादों की एक दिन में बिक्री की गई। वहीं, विभिन्न स्थानों पर लगातार लगाए जा रहे स्टॉलों के माध्यम से महिला उद्यमियों को प्रतिदिन बिक्री का अवसर मिल रहा है।
प्रशिक्षण से व्यवसाय तक का सफर
श्रीमती रजनी साव ,श्रीमती चन्द्रकला पटेल एवं श्रीमती अनिता साहू,कुसुमलता साहू विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित उद्यमिता विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने NABARD के सहयोग से आयोजित महिला नेतृत्व क्षमता विकास प्रशिक्षण में भी भाग लिया है।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को व्यवसाय की समझ, उत्पाद की गुणवत्ता, ग्राहक की आवश्यकता, मूल्य निर्धारण, बाजार की संभावनाओं, नेतृत्व क्षमता एवं अपने कार्य को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने अपने हुनर को केवल घरेलू कार्य तक सीमित न रखकर उत्पाद निर्माण, ब्रांडिंग, प्रदर्शनी एवं बिक्री की दिशा में आगे बढ़ाया। आज उन्हें विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाने के माध्यम से सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।
स्थानीय उत्पादों को मिल रहा ग्राहकों का समर्थन
स्टॉलों में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए मिलेट आधारित उत्पाद से बने खाद्य पदार्थ, हल्दी, पापड़, बड़ी, अचार, अगरबत्ती सर्फ, साबुन,आंवला का मुरब्बा, कैंडी एवं अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार इन उत्पादों को ग्राहकों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। इससे महिला उद्यमियों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता एवं विविधता को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित हो रही हैं।
संस्था का प्रयास—प्रशिक्षण के साथ बाजार भी
विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति का मानना है कि महिलाओं को केवल प्रशिक्षण प्रदान करना पर्याप्त नहीं है। प्रशिक्षण के बाद उनके उत्पादों को बाजार, ग्राहक और बिक्री का अवसर उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इसी उद्देश्य से संस्था द्वारा महिलाओं एवं स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, उत्पाद निर्माण, प्रदर्शनी, स्टॉल, बाजार से जुड़ाव एवं बिक्री के अवसर उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
NABARD ग्राम दुकान इस पहल का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
श्रीमती माया दत्ता ने कहा
विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती माया दत्ता ने कहा—
“ग्रामीण महिलाओं में हुनर की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है उनके हुनर को सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार से जोड़ने की। आज हमारी महिला उद्यमियां एसडीएम कार्यालय के सामने , रामभाठा, रेलवे स्टेशन ,होटल ट्रिनिटी ग्रैंड,होटल नरियरा नेशन के सामने एवं रायगढ़ के विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाकर अपने उत्पाद बेच रही हैं और प्रतिदिन लगभग ₹3,000 से ₹5,000 तक की बिक्री कर रही हैं। यह महिला आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रजनी साव, अनिता साहू एवं चन्द्रकला पटेल जैसी महिलाएं अपने हुनर और मेहनत से अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। हमारा उद्देश्य केवल महिलाओं को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें बाजार से जोड़ना और उनके उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए अवसर उपलब्ध कराना भी है।
हम रायगढ़ के नागरिकों से अपील करते हैं कि वे स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता से खरीदें। आपकी प्रत्येक खरीदारी महिला के हुनर को सम्मान देने के साथ उसके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहयोग करती है।”
उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास है कि अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को “प्रशिक्षण से रोजगार और रोजगार से आत्मनिर्भरता” की दिशा में आगे बढ़ाया जाए।
महिलाओं को बाजार से जोड़ने की पहल जारी रहेगी
विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति द्वारा आने वाले समय में भी रायगढ़ के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर महिला उद्यमियों एवं स्व-सहायता समूहों को स्टॉल एवं प्रदर्शनी के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रखा जाएगा।
संस्था का लक्ष्य है कि महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को पहचान, बाजार और नियमित ग्राहक मिलें, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो और वे अपने परिवार के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सक्रिय भागीदार बनें।
आम नागरिकों से अपील
संस्था ने आम नागरिकों, शासकीय विभागों, औद्योगिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं अन्य संस्थाओं से अपील की है कि वे महिला उद्यमियों एवं स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों को खरीदें, उपयोग करें और उन्हें बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
महिला का हुनर तभी मजबूत होगा, जब उसे बाजार मिलेगा।
महिला की मेहनत तभी आय में बदलेगी, जब उसके उत्पाद बिकेंगे।
और जब महिला की अपनी आय होगी, तभी आत्मनिर्भर परिवार और आत्मनिर्भर समाज की नींव मजबूत होगी।

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