रामानुजगंज । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन्यजीव अंगों की अवैध तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ वन विभाग की सतर्कता से एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ. एक गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रामानुजगंज में कनहर नदी के समीप स्थित एक लॉज में छापेमारी की गई. इस दौरान लॉज के कमरे से एक बैग में रखे हाथी के जबड़े के तीन दांत जब्त किए गए.
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (भोपाल), छत्तीसगढ़ राज्य फ्लाइंग स्क्वॉड और बलरामपुर वन मंडल ने मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया.
मौके से पुलिस और वन विभाग की टीम ने झारखंड के पलामू निवासी संतोष कुमार विश्वकर्मा (42) सहित बलरामपुर के local निवासी अजय कुमार गुप्ता (49) और सतेंद्र कुमार रजक (50) को दबोच लिया.
शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि पलामू का रहने वाला संतोष ही इन कीमती दांतों को बेचने के इरादे से झारखंड से छत्तीसगढ़ लेकर आया था.
हालांकि, यह दांत किस हाथी के हैं और इन्हें कहाँ से शिकार करके निकाला गया था, इसकी गहन पड़ताल अभी जारी है. वन विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और गिरोह के अन्य संभावित नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है.
