रात को कमरे में घुसकर किशोरी का गला दबाया, फिर डैम के पास ले जाकर की बर्बरता, आरोपी को मिली 5 साल की सजा

by Kakajee News

कोरबा। घर से उठा कर बाहर ले जा दुष्कर्म करने वाले आरोपित को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) सीमा प्रताप चंद्रा ने पांच वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। मामले की शासन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि मामला बालको थाना क्षेत्र का है। 10 अगस्त 2025 की रात में पीड़िता और उसके माता-पिता खाना खाकर रात 11 बजे सोने चले गए। पीड़िता के माता-पिता उनके पुराने घर में सोए थे और पीड़िता अपने भाई के साथ नए घर में सोई थी।

रात को लगभग तीन बजे जगदीश साहनी उर्फ टिल्ली 19 वर्ष निवासी परसाभाठा दुर्गा पंडाल के नीचे थाना बालकोनगर आया और पीड़िता जिस चादर में सोई थी, उसे हटा कर उसका गला दबाकर मारने की कोशिश किया, तब पीड़िता बचाओ-बचाओ चिल्लाई, लेकिन उसके भाई लोग कमरे में नहीं थे। आरोपित द्वारा मारपीट किए जाने से पीड़िता बेहोश हो गई, जब उसे होश आया तो वह अपने घर के पीछे डैम में थी और आरोपित जगदीश उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना रहा था।

आरोपी ने की हदें पार

इस पर पीड़िता ने रोकने की कोशिश की और चिल्लाई, तो आरोपी उसके चेहरे पर हाथ रखकर दबा दिया और इससे दाहिने गाल में चोंट आई और आरोपित उसकी बांई आंख में हाथ से मुक्का मारा दिया। इससे उसके बांए हाथ में खून जम गया और बांए कान में भी चोट आई। पीड़िता ने जब भागने की कोशिश की तो आरोपित उसे पकड़कर जमीन में घसीट दिया, तब उसके दोनों पैर में चोंट आई। सुबह उजाला होने पर आरोपित जगदीश ने पीड़िता को मरा हुआ समझकर छोड़कर भाग गया।

आरोपी पर कई धाराओं में केस दर्ज

पीड़िता अपने कपड़े पहन किसी तरह घर पहुंची और बड़े भाई तथा अपने माता-पिता को घटना के बारे में बताई। बाद में घटना की रिपोर्ट पीड़िता ने बालको नगर थाना में दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 65 (1), 74, 76, 333, 331 (4), 137 (2), 115 (2) बीएनएस तथा 4, 8 पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज कर विवेचना में लिया। जांच उपरांत आरोपित को गिरफ्तार कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया।

सुनवाई उपरांत न्यायालय ने धारा 137 (2), 74, 76, 64 (1), आठ पॉक्सो एक्ट के तहत पांच- पांच वर्ष, धारा 331 (2) बीएनएस के तहत तीन वर्ष तथा धारा 115 (2) के तहत एक वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही सभी धाराओं में 500-500 रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश जारी किया गया।

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