रायगढ़। न्यायालय श्रीमान अभिषेक शर्मा अपर सत्र न्यायाधीश घरघोड़ा ने आरोपी गौरी शंकर राठिया निवासी जुनवानी कुधरी पारा सिसरिंगा को गणेश राम राठिया की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा एवं अर्थ दण्ड से दण्डित किया।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना धरमजयगढ़ के अपराध क्रमांक 85/2021 के अनुसार प्रार्थी मेघनाथ राठिया द्वारा थाना धरमजयगढ़ में अपने पुत्र गौरीशंकर राठिया के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराया कि 28 अप्रैल 2021 को उसकी पुत्री बूंद कुंवर और दामाद गणेश राम राठिया शादी नेवता में उनके गांव आए थे शादी में सम्मिलित होने बाद बूंद कुंवर अपने पति गणेश राम के साथ अपने मायके आई वहीं पर अभियुक्त गौरीशंकर राठिया और गणेश राम राठिया दोनों जीजा साला के मध्य जमीन के बटवारे की बात को लेकर लेकर झगड़ा झंझट हो गया, कुछ देर बाद मृतक गणेश राम एवं उसकी पत्नी बूंद कुंवर अपने गांव ससकोबा जाने के लिए सायकल से निकले तथा वे दोनों पति-पत्नी जुनवानी कुधरी पारा के पास पहुंचे थे तभी प्रार्थी का पुत्र अभियुक्त गौरीशंकर पीछे से दौड़ते हुए आया और जमीन विवाद के कारण गणेश राम राठिया को जान से मारने की धमकी देते हुए टांगी से उसके बायें कनपटी के पास दो बार प्राण घातक हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से दोनों पति-पत्नी सायकल से गिर गये गणेश राम को गंभीर चोट आई जिसे इलाज के लिए धरमजयगढ़ अस्पताल में ले जाया गया जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए जिला अस्पताल रायगढ़ रिफर किया गया था जहां पर इलाज के दौरान दूसरे दिन उसकी मृत्यु हो गई थी।
उक्त सूचना के आधार पर तत्कालीन थाना प्रभारी प्रवीण मिंज के द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए अत्यंत सूक्ष्मता पूर्वक जांच करते हुए प्रकरण के सभी साक्ष्यों का संकलन कर आरोपी के विरुद्ध धारा 302 भारतीय दण्ड संहिता के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी साक्षियों के कथन दर्ज कराए तथा उभय पक्ष के तर्क श्रवण करने के पश्चात आरोपी गौरीशंकर राठिया को मृतक गणेश राम राठिया की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा ₹1000 के अर्थ दण्ड से दण्डित किया ।
विद्वान न्यायालय ने मृतक के आश्रितों को क्षतिपूर्ति के रूप में 100000/रू विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से दिलाए जाने की अनुशंसा की है।
मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।
