ऊपर दिख रहीं बाघों की तस्वीरें इंद्रावती टाइगर रिजर्व के बस्तरिया बाघों की हैं। वन विभाग के उच्च अफसरों का दावा है कि टाइगर रिजर्व में 10 से ज्यादा बाघ घूम रहे हैं और इनमें से 5 ट्रैप कैमरे में भी दिखे हैं औ इन तस्वीरों को नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने मान्य कर दिया है। यही नहीं, बाकी बाघों के मल के नमूनों को भी देहरादून स्थित फॉरेंसिक लैब भेज दी गई है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले 14 मार्च को भास्कर ने ‘1983 में टाइगर रिजर्व में 36 बाघ थे, अब कितने ये किसी को पता नहीं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। दूसरे ही दिन रविवार को वन अफसरों ने बड़ा खुलासा किया और तस्वीरें साझा करते हुए 10 से ज्यादा बाघ होने का दावा किया। यह पहला मौका है जब इंद्रावती टाइगर रिजर्व से बाघ की तस्वीरें मिली हैं और यह सबसे पहले भास्कर प्रकाशित कर रहा है।
इससे पहले बाघों के पद चिन्हों, मल और छोड़े हुए शिकार से ही उनके होने की जानकारी मिलती थी, लेकिन अफसरों के अनुसार उन्होंने हाल ही में टाइगर रिजर्व एरिया में कैमरे लगवाए। यह पूरा काम गोपनीय तरीके से किया था। इस बीच 2020 में मार्च की 3 तारीख को, 2020 में सितंबर की 30 तारीख की रात और 11 मई की दोपहर, 12 दिसंबर की रात 8 बजे और 3 मार्च 2021 की रात को अलग-अलग कैमरों में बाघ दिखे हैं।
एनटीसीए ने 5 बाघों के होने की बात मानी
इस पूरे मामले में खास बात यह है कि बाघों के ट्रैप होने की जानकारी नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) को भी है एनटीसीए के अफसरों ने 5 बाघों के होने की मान्यता भी दे दी है। इस मामले को पिछले एक साल से सिर्फ बाघों की सुरक्षा के लिहाज से सार्वजनिक नहीं किया जा रहा था।
अफसरों का कहना है कि बाघों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है ऐसे में हमने इसे सार्वजनिक नहीं किया था। अभी अफसरों ने भास्कर से जो तस्वीरें साझा की हैं उनमें बाघों की लोकेशन नहीं बताई है ताकि बाघ शिकारियों से सुरक्षित रहें।
जो बाघ ट्रेस हुए उनमें से एक बाघ दुर्लभ
यहां मौजूद बाघों में से एक बाघ छोटे कद का और ज्यादा मोटा हैं। एनटीसीए के अफसरों ने स्थानीय अफसरों को बताया कि प्रथम दृष्टि में यह बाघ किसी विशेष प्रजाति का लग रहा है। इस प्रजाति का बाघ अभी तक भारत में ट्रेस नहीं हुआ है। इसके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
आगे क्या: 2022 की गिनती में 5 बाघ होने तय
इधर इंद्रावती टाइगर रिजर्व का दर्जा 2009 में मिला। 2014 की गिनती में 13 बाघों की पुष्टि हुई। 2018 में बाघों की गणना हुई तो संख्या 10 से 12 के बीच बताई गई। इसी बीच एनटीसीए ने टाइगर संरक्षण के लिए दिया जाने वाला बजट रोक दिया। उस समय अफसर बाघों की मौजूदगी के लिए कोई ठोस आधार पेश नहीं कर पाए थे। इस बीच अब 5 बाघ कैमरे में कैद हो चुके है और इसलिए माना जा रहा है कि 2022 की गणना में 5 बाघ होने तो तय हैं।
