विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों व कालेजों से नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया समय पर शुरू करने को कहा है। साथ ही जनवरी से शुरू होने वाले आनलाइन और दूरस्थ कोर्सों के सत्र में थोड़ा बदलाव करते हुए उन्हें फरवरी-मार्च सत्र के रूप में तब्दील कर दिया है। इससे जुड़े सभी कोर्सों में प्रवेश प्रक्रिया 30 अप्रैल तक पूरी करने को कहा है। यूजीसी ने यह कदम हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया है। इसमें शैक्षणिक सत्र को समय पर शुरू करने की जोरदार पैरवी की गई। इसके बाद ही यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों से प्रवेश प्रक्रिया को समय पर निपटाने के लिए चर्चा शुरू की है। इसके तहत प्रवेश से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को जुलाई से पहले समाप्त करने और इसी महीने से नए शैक्षणिक सत्र को शुरू करने की रणनीति बनाई गई है। यूजीसी से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल यानी वर्ष 2020-21 के शैक्षणिक सत्र में कोरोना संक्रमण के चलते देरी हुई थी। लेकिन इस बार अब तक ऐसी कोई दिक्कत नहीं है। ऐसे में नए सत्र को समय पर शुरू किया जा सकता है। वैसे भी इस साल 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं जून के पहले हफ्ते में ही खत्म हो रही हैं। ऐसे में रिजल्ट भी 15 जुलाई तक आ जाएगा। सीबीएसई इसका एलान भी कर चुकी है। ऐसे में नए सत्र को शुरू करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर नए सत्र को महीने भर के लिए आगे बढाने का विकल्प रहेगा। यूजीसी ने फिलहाल शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने के लिए काम भी शुरू कर दिया है। जनवरी से शुरू होने वाले आनलाइन और दूरस्थ शिक्षा से जुड़े कोर्सों के सत्र में ज्यादा देरी न करते हुए इन्हें 30 अप्रैल की तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसे सभी कोर्सों को संचालित करने वाले संस्थानों से 15 मई तक इसकी रिपोर्ट भी देने को कहा है।
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