
रायगढ़| मानव जीवन को कितने जन्म मिलते हैं यह ज्ञात नहीं पर अपनी मातृभूमि की सुरक्षा के लिए कार्यरत जांबाज जवानों का जीवन हकीकत में देशभक्ति का प्रतीक होता है सुरक्षा के दरमियान इन सैनिकों पर देश के दुश्मनों के द्वारा पीठ-पीछे हमला कर मारा जाता है तो निश्चित ही धोखा है पर मातृभूमि के लिए सैनिक शहीद होता है तो निश्चित ही भारत मां का यह पूत शाहिद हो गया पर शहीद पूत ने अपनी मातृभूमि का कर्ज चुका दिया।
छत्तीसगढ़ प्रदेश के तोरम और सिलगेर गांव जो कि बस्तर संभाग सहित छत्तीसगढ़ के अंग है में देश के सुरक्षाबलों के सैनिकों पर नक्सली हमला हुआ में शहीद हुए 22 जवानों को नम आंखों से रायगढ़ शहर के शहीद हेमू कलानी चौक पर 5 अप्रैल को संध्या 7:00 बजे शहर के युवाओं के द्वारा मोमबत्ती जलाकर नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई या प्रयास युवा अनिल साव के द्वारा आयोजित था जिसमे नगेन्द्र नेगी, संतोष राय,जेठूराम मनहर,अनिल अग्रवाल,सतपाल बग्गा, राजू मिश्रा,मनोज सागर,संजय देवांगन,प्रदीप मिश्रा,यतीश गांधी,,नारायण घोरे,राहुल शर्मा,संदीप अग्रवाल,भुवाल शुक्ला,टासा परमानिक, लीनु जॉर्ज, अनिल साहू ,मुकेश बरेठ,अतुल सिंह,विजय अंबानी, सामी, अमित गोस्वामी, राजकुमार मौर्य, अजय साहू, संटू सिंह आदि युवा उपस्थित रहे।जिसमें आदि शामिल रहे सभी उपस्थित जनों ने शहीदों के समर्थन में “”शहीद सैनिक-अमर रहे””के नारे लगाए और नक्सलियों के कायराना हरकतों को धिक्कारा।
