इज्जतनगर रेल कारखाना में इन दिनों आरपीएफ़ इंस्पेक्टर की तानाशाही के चलते ठेकेदार अब रेल का काम करने से मुंह फेरने लगे हैं। इतना ही नहीं एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें इंस्पेक्टर ने एक व्यक्ति को फोन कर कहा, मैं इंस्पेक्टर बोल रहा हूं। तुरंत ही कारखाना में प्रशासनिक बिल्डिंग के पीछे आकर मिलो। जितना कह रहा हूं, उतना करो। कई ठेकेदारों ने इस मामले की गोरखपुर मुख्यालय तक शिकायत की है। आरोप है, अधिकारी हर बार उस जांच को दबाकर मामला रफा-दफा करना का प्रयास करते हैं।
कई महीने से रेल कारख़ाना ठेकेदारों और इंस्पेक्टर के बीच विवाद चल रहा है। एयू कंस्ट्रक्शन के फरीद खान और आफताब खान ने गोरखपुर और इज़्ज़तनगर कारख़ाना प्रशासन से शिकायत की है। आरोप है, कारखाना आरपीएफ इंस्पेक्टर चेकिंग के नाम पर मानसिक उत्पीड़न करते हैं। गाली गलौज करते हैं। लेबर से अभद्र भाषा का प्रयोग कर उत्पीड़न करते हैं। मुंशी को बुलाकर धमकाया जाता है, यदि यहां काम करना है तो महीना देना होगा। विरोध करने पर रेल एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी देते हैं।
आरोप, इंस्पेक्टर आयेदिन लेबर को भगा देते है। कंट्रक्शन निर्माण से जुड़ी सामग्री आती हैं, तो चेकिंग के नाम पर वाहन को बाहर ही खड़ी करा देते हैं। यह मामला निपट नहीं पाया। इंस्पेक्टर ने मॉडल टाउन के साहूकार सन्दीप अरोड़ा को नैनीताल रोड पर कारख़ाना के सामने पीटा। संदीप का कहना है, वह सूद ब्याज पर काम करते हैं। जिला प्रशासन से लाइसेंस मिला हैं। कारख़ाना में चार पांच लोगों ने ब्याज पर रुपए ले रखा है। सन्दीप का आरोप है, आरपीएफ़ इंस्पेक्टर कारख़ाना का फोन आया।
कहा, इंस्पेक्टर बोल रहा हूँ। कारखाना प्रशासनिक बिल्डिंग के पीछे आकर मिलो। जब मिलने नहीं गया, तो सड़क पर उनके साथ मारपीट की। धमकी दी, यदि साहूकार का काम रेलवे में करना है, तो हर महीने 5 हजार रुपए देने हैं। जनवरी से मार्च तक के 15000 रुपए आफिस में दे जाना। पकड़कर कारख़ाना लेकर गए वहां भी मारपीट की। ठेकेदार फरीद खान, आफताब और साहूकार संदीप अरोड़ा का कहना है, इस मामले में कमांडेंट, आईजी रेलवे गोरखपुर, रेल मंडल प्रबन्धक से भी शिकायत की गई।
शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। आरोप, इंस्पेक्टर धमकी दे रहे हैं। लोकल अफसर शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इस्पेक्टर अपनी तानाशाही चला रहे। रेल में ठेकेदारों के लिए काम करना मुश्किल होने लगा है। इज्जतनगर रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह का कहना है, उन्होंने शिकायतों के मामले में कमांडेंट से बात की है। यदि कोई लिखित शिकायत उनके पास आती है, तो वह मामले में जांच कराकर इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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