रायगढ़. सारंगढ़ के युवा पत्रकार, समाजसेवी , प्रखर वक्ता, ईमानदार और सच्चाई का मिशाल कहलाने वाले रंजीत सिंह ठाकुर का निधन देर रात मेडिकल कालेज में हो गया। कोरोना संक्रमित होनें के चलते पहले वह घर में तीन दिन तक होम आईसोलेशन में रहे उसके बाद तबियत ज्यादा खराब होनें के चलते उन्हें रायगढ़ मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया और दो दिन बाद उनकी मौत हो गई। मौत से पहले उन्होंने जिले के वरिष्ठ पत्रकार नरेश शर्मा सहित अपने साथियों को व्हाट्सअप पर मैसेज के जरिए मेडिकल कालेज में सही ढंग का खाना नही मिलने सहित इलाज में भारी लापरवाही से अवगत कराया था और यह भी कहा था कि उसके हाथ पैर कांप रहे हैं। आक्सीजन लगाने के बाद कोई उसके पास दवा व सुई लगाने नही आ रहा है और आखिरकार रंजित की मौत हो गई। इस मौत के बाद सारंगढ़ के पत्रकारों में गहरा रोष व्याप्त है। वहीं प्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष नरेश शर्मा ने भी जिला प्रशासन से इस मामले में जांच की मांग की है। चूंकि अगर रंजित की मौत इलाज में लापरवाही के चलते हुई है तो मेडिकल कालेज में खराब व्यवस्था को दुरूस्त करने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि रायगढ़ जिले में तेजी से कोरोना संक्रमितांे की संख्या बढ़ रही है और लॉकडाउन का भी असर न के बराबर हो रहा है और ऐसे में मरीजों का इलाज भी सही ढंग से न हो तो सवाल उठना लाजमी है। रायगढ़ में व्हाट्सअप पर रंजित के कल दोपहर को भेजे गए मैसेज में यहबात भी सामने आई थी कि उसकी तबियत लगातार खराब हो रही है, हाथ पैर कांप रहे हैं जिसको लेकर मेडिकल कालेज स्टाफ से उनकी बहस भी हुई थी।
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