रायगढ़. जिले में अब अपराध का स्वरूप बदलता नजर आ रहा है। मारपीट और चाकूबाजी के बाद अब अपहरण जैसी संगीन वारदात ने पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पुसौर थाना क्षेत्र के तेतला गांव में किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय के ज्योग्राफी प्रोफेसर कपूरचंद गुप्ता को कुछ युवकों द्वारा कथित रूप से अगवा कर दो दिन तक अपने कब्जे में रखने का मामला सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक प्रोफेसर गुप्ता रोजाना की तरह सुबह टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान तेतला में पहले से घात लगाकर बैठे कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि धमकाते हुए उन्हें बाइक पर बैठाया गया और कुछ दूर ले जाकर एक चार पहिया वाहन में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद अन्य युवक भी वहां पहुंच गए और प्रोफेसर को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर उनके साथ मारपीट और डराने-धमकाने का सिलसिला चलता रहा।
सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने प्रोफेसर पर दबाव बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई। इनमें एक अज्ञात युवती के खाते में करीब 90 हजार रुपए ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई है। कुछ रकम अन्य खातों में भी भेजी गई। पुलिस अब इन बैंक खातों और उनके लेन-देन की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि जिस युवती के खाते में रकम पहुंची, उससे पुलिस ने पूछताछ की तो उसने आरोपियों को पहचानने से इनकार किया। युवती का दावा है कि उसने अपना बैंक खाता किराए पर दिया था। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खाते का इस्तेमाल किसने और किस उद्देश्य से किया।
घटना के दौरान प्रोफेसर के बेटे ने मोबाइल की मदद से उनके पिता की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद वह बताए गए स्थान तक पहुंचा और अपने पिता को आरोपियों के कब्जे से छुड़ाने में कामयाब रहा। बताया जा रहा है कि मंगलवार को प्रोफेसर युवकों के चंगुल से बाहर आए।
घटना के बाद प्रोफेसर गुप्ता काफी डरे-सहमे बताए जा रहे हैं। उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य और साथी प्राध्यापकों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद कॉलेज के प्राध्यापक आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी कार्यालय भी पहुंचे।
मामले की सूचना मिलने के बाद प्रोफेसर ने पुसौर थाने में पूरी घटना की जानकारी दी। उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने औरदा क्षेत्र के एक युवक को पकड़ा है। पुलिस को कथित तौर पर अन्य संदिग्धों के बारे में भी अहम सुराग मिले हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपियों को प्रोफेसर की दिनचर्या की जानकारी थी। उन्हें पता था कि प्रोफेसर रोज सुबह वॉक के लिए निकलते हैं। इसी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बैंक खातों में हुए ट्रांजेक्शन, मोबाइल लोकेशन और आरोपियों के आपसी संपर्कों को खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अपहरण की इस वारदात के पीछे शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।



