रायगढ़। जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में जंगली हाथियों की मौजूदगी के बीच किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंच रहे हाथियों के दल किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। बीती रात भी हाथियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में 59 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। धान की फसल को हुए नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ़ वन मंडल में वर्तमान में 154 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें 47 नर, 76 मादा और 31 शावक शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी के कारण वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों और किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। फसल नुकसान की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन करके आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
खेती-किसानी पर निर्भर ग्रामीण परिवारों के लिए धान की फसल सालभर की आजीविका का प्रमुख आधार है। ऐसे में हाथियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक ही रात में 59 किसानों की फसल प्रभावित होने से इस समस्या की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। गांव के ग्रामीणों ने काकाजी न्यूज का बताया कि धान की फसल खेतों में लगभग पकने के कगार पर पहुंच चुकी है। ऐसे में हाथियों के द्वारा नुकसान पहुंचाये जाने के कारण उन्हे अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ता है।
धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। हाथियों के विचरण वाले गांवों में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है, ताकि फसल बचाने के प्रयास में ग्रामीणों की जान जोखिम में न पड़े। हाथियों के नजदीक जाने, उन्हें खदेड़ने या घेरने से बचना चाहिए। हाथी प्रभावित गांव के ग्रामीणों ने काकाजी न्यूज को बताया कि दिन भर जंगलों में रहने वाला हाथियों का दल रात होते ही उनकी खेतों तक पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं।
फिलहाल हाथियों की मौजूदगी और फसलों को हो रहे नुकसान ने वनांचल के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों को उम्मीद है कि उन्हें फसल क्षति का उचित मुआवजा मिलेगा, जिससे नुकसान की भरपाई करने में कुछ राहत मिल सकेगी।



