रायगढ़. छत्तीसगढ़ गरीबों के हित के लिए लगातार काम कर रही है। इस कोरोना काल में भी शासन व प्रशासन हर वर्ग का ध्यान रख रही है। यही कारण है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन लगाया गया और इस दौरान कोई भी गरीब भूखा न रहे इस वजह से भूपेश सरकार ने दो महीने का चावल मुफ्त में राशन दुकानों से बांटने की घोषणा की। चावल आ गया और दो माह का राशन भी उचित मुल्य की दुकानों से दिया जा रहा है, पर कई ऐसे राशन दुकान संचालक हैं, जो गरीबों के चावल व शक्कर में कांटा मार रहे हैं और नाप तौल मशीन में गड़बड़ी कर कम राशन गरीबों को दे रहे हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर यह भी बताया जा रहा है कि राशन दुकान चलाने वाले अधिकांश लोग सत्ता पक्ष के हैं और इस वजह से खाद्य विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। यही नहीं बताया जा रहा है कि कई दफे शिकायते आने के बाद भी जांच के नाम पर टालमटोल कर दिया जाता है और दोषियों को विभाग के कुछ अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा ही बचा लिया जाता है। बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रानिक्स कांटा का उपयोग राशन दुकान में किया जा रहा है और इसे भी कांटा दुकान के कुछेक कर्मचारियों के द्वारा सेटिंग करने का भी काम किया जाता है। इस तरह नाप तौल मशीन को सेट कर दिया जाता है कि इसकी गड़बड़ी पकड़ना आम लोगों से नहीं हो पाता और इसका सीधा फायदा गरीबों के हक को मार कर संचालक को मिलता है।
आकस्मिक रूप से नहीं होती जांच
खाद्य विभाग के अधिकारी यह कहकर अपने कर्त्तव्यों से इत्तीश्री कर लेते हैं कि शिकायत मिलेगी तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी, पर विभागीय जानकारों का कहना है कि यह विभाग के अधिकारियों का मामले को दबाने का फंडा है। शहर में ऐसे कई राशन दुकान संचालित हो रहे हैं, जहां के संचालको का सीधा लेनदेन विभाग के कुछेक अधिकारियों से चलने की बात कही जा रही है। इस कारण आकस्मिक रूप से पूरी पारदर्शिता बरतते हुए खाद्य विभाग के अधिकारियों का जांच नहीं करने की बात कही जा रही है।
कोविड नियमांे का भी पालन नहीं
यह भी बताया जा रहा है कि कोविड नियमों का भी पालन कई राशन दुकान में नहीं किया जा रहा है। उचित मुल्य की दुकानों में न तो सेनेटाईजर का इस्तेमाल किया जा रहा है और न ही मास्क यहां के संचालक लगा रहे हैं। इससे लगातार कोरोना संक्रमण फैलने का भी खतरा वार्डों में बना हुआ है। वार्डवासियों का कहना है कि इसे लेकर भी प्रशानिक अधिकारियों का आकस्मिक रूप से जांच करना चाहिए।
वर्सन
बीते दिन वार्ड नंबर तीन की शिकायत आयी थी, तो उसकी जांच हुई है। यहां कोविड नियमांे का भी पालन नहीं किया जा रहा था। अगर किसी वार्ड से नाप तौल में गड़बड़ी की शिकायते आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
चितरंजन सिंह
एएफओ, खाद्य विभाग
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