रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ अंचल में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ते जा रहा है। कभी जंगली हाथियों के द्वारा ग्रामीणों के बेशकीमती फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ घरों को तोड़ा जाता है मगर अब ये हाथी जंगल से निकलकर रिहायती इलाके में पहुंचकर लोगों को भयाक्रांत करने लगे हैं। क्षेत्र में लगातार बढ़ते जंगली हाथियों की वजह से अब इस क्षेत्र के रहवासी दहशत में अपना जीवन यापन करने पर मजबूर हो चुके हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 जुलाई की शाम को एक जंगली हाथी दुर्गापुर गौठान के पास दिखाई दिया। गांव किनारे ही गौठान बना हुआ है। वहीं हाथी सुबह शाहपुर से अंबेटिकरा मुख्य मार्ग पर विचरण करते देखा गया था। कुछ दिन पहले भी एक हाथी इस क्षेत्र में घूम रहा था। लगातार जंगली हाथी जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं जिससे ग्रामीणों में अब गांव के ग्रामीण दहशत में साए में जीवन यापन करने मजबूर हो चुके हैं।
जंगली हाथी को गांव किनारे देखकर ग्रामीण सहम जाते हैं। लेकिन कुछ कर भी नहीं सकते। वहीं शासन हाथी के समस्या को समाप्त करने अभी तक कुछ ठोस कदम नहीं उठाया है। वन विभाग द्वारा लेमरू हाथी कॉरिडोर को स्वीकृति दी गई है लेकिन अभी तक धरातल पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। हाथी की सूचना मिलने पर वन विभाग द्वारा उस क्षेत्र में मुनादी करवाई जाती है। लेकिन कई बार तो वन विभाग को हाथी आने की जानकारी नहीं होती है। ग्रामीण भगवान भरोसे जीने को मजबूर हो गए हैं। बताया जा रहा है यह हाथी कुछ दिन पहले बीमार हुआ था तब से कमजोर हो गया है और जंगल छोड़कर गांव-गांव घूम रहा है।
