नई दिल्ली । भारत में जैसे-जैसे वैक्सीन के तमान प्रायोगिक चरण सफल होते जा रहे हैं, वैसे ही देश में लोगों को वैक्सीन सप्लाई को लेकर तैयारियों की भी जमकर चर्चा चल रही है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें वैक्सीन को लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था बनाने में जुटी है। इस बीच यह भी खबर है कि देश में कोरोना वैक्सीन की सप्लाई अब ड्रोन से कराने की तैयारी चल रही है।
गौरतलब है भारत में दुनिया का सबसे बड़ा रेल व सड़क नेटवर्क है। इसके बावजूद देश में कई ऐसे स्थान है जहां लगातार व शीघ्रता से वैक्सीन की सप्लाई करने में समस्या आ सकती है। चेन्नई के साई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अभिषेक चक्रवर्ती का कहना है कि टीकों के परिवहन के लिए देश में एक कुशल रणनीति की आवश्यकता होगी। ऐसे में ड्रोन तकनीक से कोरोना वैक्सीन की सप्लाई प्रभावी हो सकती है।
गौरतलब है कि साल 2018 के अंत में कुछ देशों ने ड्रोन तकनीक से वैक्सीन सप्लाई करने के प्रयोग किए थे। ऐसे में आपातकालान परिस्थिति में भारत में भी ड्रोन से कोरोना वैक्सीन की सप्लाई की जा सकती है।
इस संबंध में शोध करने वाले प्रोफेसर व लेखक अभिषेक चक्रवर्ती का कहना है कि पांच मिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर और आत्मनिर्भर बनने को उत्सुक भारत यदि कोरोना वैक्सीन की सप्लाई में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करता है तो यह काफी विस्फोट कदम होगा।
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन अस्पताल के विशेषज्ञों ने हाल ही में नेशनल ग्रैंड राउंड के दौरान कोरोना ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को लेकर कई देशों के संदर्भ में चर्चा की थी। इस दौरान विशेषज्ञों ने कोरोना महामारी के इलाज में प्लाज्मा थैरेपी, कोरोना वैक्सीन की सप्लाई आदि पर विस्तार से चर्चा की थी।
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