घर से बैंक जा रही मां-बेटी की धारदार हथियार से काटकर हत्या,आठ साल की बच्ची के सामने हत्यारों ने दिया घटना को अंजाम

by Kakajee News

जसपुर में घर से बैंक जा रही मां-बेटी की रास्ते में तीन लोगों ने धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी ।खून से लथपथ सव देखने पर ग्रामीणों पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंच पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है । ग्राम भोगपुर फार्म निवासी जीत कौर 75, अपनी बेटी परमजीत कौर 35 और नवासी नैना 8 वर्ष के साथ जसपुर में बैंक के काम से आ रहे थे । बताते हैं कि ग्राम बढ़ियावाले के पास किसी ने उनकी धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दी । मां की हत्या होने के बाद 8 वर्षीय बेटी दौड़ कर अपने घर पहुंची।


तथा परिजनों को हत्या के बारे में बताया ।परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पीएम के लिए भेजा। मृतका की छोटी बेटी बलविंदर कौर ने बताया कि आपसी रंजिश के चलते गांव के ही 3 युवकों ने उसकी मां और बहन की हत्या की है। मामले में अभी तक तहरीर नहीं दी गई है ।कोतवाल जे एस देवपा ने बताया कि शवोको पीएम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने के बाद हत्यारों को गिरफ्तार किया जाएगा। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी दी है।

मां और छोटी बेटी के पूर्व पति से हुए झगड़े में परमजीत कौर भी भेंट चढ़ गई। उसकी हत्या से तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं। बच्चों की परवरिश कैसे होगी? परिजनों को यह चिंता सताये जा रही है। वहीं, अपनी आंखों के सामने मां की हत्या होने से बच्ची डरी सहमी है। पुलिस ने उसे घटना के बारे में पूछताछ की। जीत कौर के पति दयाल सिंह का पहले ही निधन हो गया था। उसकी बड़ी बेटी परमजीत कौर का अपने मायके के पास ही घर था। चार साल पहले उसका पति पप्पू अपने बेटे विजयपाल(12) हरमन कौर(10), नैना (08) को छोड़कर कही चला गया।

पिछले साथ जीत कौर के इकलौते बेटे कुलवंत सिंह की भी हत्या कर दी गई थी। बेटे की हत्या के बाद बहू ने अपने तीन बच्चों को छोड़कर कही और शादी कर ली। घर में कोई मर्द नहीं था। घर के खालीपन को दूर करने को अक्सर परमजीत कौर मां के घर आ जाया करती थी। पिछले कई दिनों से वह मां के घर में ही रह रही थी। मंगलवार को बैंक जाते समय रास्ते में मां के साथ उसकी भी हत्या कर दी गई। परमजीत कौर की हत्या से उसे बच्चे अनाथ हो गए। वहीं, मां की मौत से अनाथ हुए बच्चों को ग्रामीणों ने खाना खिलाया।

अंकल, मेरी मम्मी कहां चली गई
परमजीत कौर के कत्ल की सूचना देने वाली उसकी आठ वर्षीय बेटी नैना के यह पूछने पर कि अंकल उसकी मम्मी कहां चली गई? सबकी आंखें भर आई। परिजन उसे चिपट कर रोये तो वह भी रोने लगी। रोने के बाद बच्ची पास पड़े पलंग पर सो गई। मां और नानी को मारने की सूचना देने के बाद बच्ची नैना डरी सहमी दिखी। पुलिस एवं अन्य लोगों ने उससे घटना की जानकारी ली तो वह मासूम सा सवाल करती रही। अकंल अब मेरी मम्मी कब आयेगी? मैं किसके पास सोऊंगी। यह सुनकर आसपास के लोगों की आंखें भर आई। पड़ोसियों ने उसे खाना खिलाकर चुप कराया।

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