भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव में अब भी ‘छ्त्तीस का आंकड़ा’, वेणुगोपाल से की अलग-अलग मुलाकात

by Kakajee News

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच ‘छत्तीस का आंकड़ा’ अभी भी बरकार है। छत्तीसगढ़ में दिसंबर, 2018 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी तब मुख्यमंत्री कौन होगा? इसे लेकर जबरदस्त खींचतान हुई थी। मुख्यमंत्री पद के चार दावेदारों के बीच कांग्रेस हाईकमान ने बघेल को चुना था। यह भी चर्चा हुई थी कि ढाई साल में दूसरे दावेदार को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। हालांकि बघेल ढाई साल वाले किसी फ़ॉर्मूले से लगातार इनकार करते रहे हैं। इसी बात को लेकर अब विवाद इतना बढ़ गया है कि सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को समझा-बूझा कर पार्टी की अंदरुनी कलह को शांत करने की कोशिशें लगातार जारी हैं।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के एक दिन बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, वेणुगोपाल के आवास पर उनसे दोनों नेता अलग अलग मिले। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अब वेणुगोपाल को बघेल और सिंहदेव के बीच मतभेद खत्म करने के लिए समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।

राहुल गांधी से हो चुकी है मुलाकात
इससे पहले राहुल गांधी ने मंगलवार को बघेल और सिंहदेव के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद कांग्रेस के छत्तीसगढ़ मामलों के प्रभारी पीएल पुनिया ने इस बात से इनकार किया कि इस बैठक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी संभागों के विकास पर चर्चा हुई। हालांकि सूत्रों का कहना है कि यह बैठक दोनों नेताओं के बीच सुलह की कोशिश के तहत बुलाई गई थी और मुख्य रूप से इसी पर केंद्रित भी थी तथा कांग्रेस आलाकमान की तरफ से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई संकेत नहीं दिया गया।

कुर्सी के लिए है रार!
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में दिसंबर, 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से मुख्यमंत्री बघेल और स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के बीच रिश्ते सहज नहीं रहे। सिंहदेव के समर्थकों का कहना है कि ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री को लेकर सहमति बनी थी और ऐसे में अब सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। बहरहाल, कांग्रेस आलाकमान के फिलहाल के रुख से यह संभव दिखाई नहीं देता है।

पिछले दिनों बघेल गुट और सिंहदेव गुट के बीच मतभेद उस वक्त और बढ़ गये जब कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पर आरोप लगाया था कि वह उनकी हत्या करवाकर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। बृहस्पति सिंह को मुख्यमंत्री बघेल का करीबी माना जाता है।

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