कश्मीर घाटी में आतंकवादियों का पहाड़ी इलाकों में छिपना या स्थानीय घरों में शरण लेना बीते दिनों की बात हो गई है। सेना और सुरक्षाबलों से बचने के लिए आतंकी घने बगीचों में भूमिगत बंकर बनाते हैं। यहां तक कि मौसमी नदियों में बंकर खोदकर रहते हैं। ऐसे ही बंकर बीते साल सितंबर महीने में मिले थे, जिनकी तस्वीरें सामने आने पर लोग हैरान रह गए थे। बंकर कुछ इस तरह बनाए गए थे कि इन पर सुरक्षाबलों की नजर न पड़े। जलस्तर के उतार-चढ़ाव और अचानक आने वाली बाढ़ से प्रभावित घाटी में रामबी अरा के बीच कोई बंकर मिलना सुरक्षाबलों के लिए किसी अचरज से कम नहीं था।
गौरतलब है कि पुलवामा और शोपियां जिले को आतंकियों का गढ़ माना जाता है। आतंकवादियों ने छिपने के लिए रामबी अरा के बीच में लोहे के बंकर बना रखे थे। सतर्क जवानों ने तेल के एक ड्रम का ढक्कन खुला देखा जिसका इस्तेमाल आतंकवादी बंकर में आने-जाने के रास्ते के तौर पर करते थे। आगे की स्लाइड में देखिए आतंकियों के हैरान करने देने वाले ठिकाने
संदेह के आधार पर वहां गुपचुप तरीके से नजर रखी जाने लगी। सुरक्षाबलों को यह देखकर बेहद हैरानी हुई कि नदी के बीच से आतंकवादी निकल रहे हैं जो आम तौर पर बारिश के मौसम में ही पानी से भरी रहती है।
प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के पांच आतंकवादियों को साल 2020 के शुरुआत में मार गिराया गया था। हालांकि सेना के लिए इन आतंकवादियों के मारे जाने से ज्यादा चिंता की बात यह थी कि आतंकवादी भूमिगत बंकरों को बनाने और उनमें रहने में सक्षम थे।
तकनीकी खुफिया निगरानी और मानव संसाधनों के जरिए आसपास के इलाकों और खासकर शोपियां में सर्वे का आदेश दिया गया। इस पर पारंपरिक कश्मीरी घरों के अंदर तहखानों और भूमिगत बंकरों की जानकारी मिलनी शुरू हो गई।
इसी साल जून में बंदपोह में सेब के घने पेड़ों से ढंके और ऊंचाई वाले इलाके में स्थित एक और भूमिगत बंकर का सुरक्षाबलों ने पता चला। यहां आतंकवादी 12 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा भूमिगत बंकर बनाकर रह रहे थे। आतंकी यहां आराम से रह रहे थे जबकि सेना गांवों में उनकी तलाश कर रही थी। सुरक्षाबलों की नजर जब एक प्लास्टिक से जमीन के ढंके होने और वहां की मिट्टी ताजी खुदी होने पर पड़ी तो इस बंकर का खुलासा हुआ।
ऑपरेशन में सबसे मुश्किल घड़ी उस वक्त आई जब बगीचे में एक गर्भवती समेत 50 महिलाएं मौजूद थीं। इन्हें सुरक्षित निकालकर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया और भूमिगत बंकर के आसपास पांच आतंकवादियों को मार गिराया गया। शोपियां में आतंकियों ने नदी किनारे भूमिगत बंकर बना रखा था और लोहे के बक्से में सांस लेने के लिए पाइप लगा रखी थी।
