रायगढ़. छत्तीसगढ़ में बीते दो दिनों से हो रही भारी बारिश का असर अब नदी नालों में देखने को मिल रहा है। प्रदेश की महानदी पूरे उफान पर है, जो खतरे के निशान से पांच फीट नीचे बह रही है और आसपास के लगभग 18 गांव में अलर्ट घोषित किया गया है। महानदी में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए ओडिसा में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है और हीराकुंड डेम के चार गेट खोल दिए गए हैं। हीराकुंड डेम के चार गेट खोलने के बाद रायगढ़ व जांजगीर चांपा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल स्तर धीरे धीरे कम होनें की खबर है, लेकिन महानदी में आई बाढ़ के चलते रायगढ़ रायपुर सडक मार्ग बंद हो चुका है।
भारी बारिश के चलते धमतरी स्थित गंगरेल बांध का जल स्तर बढ़ने से वहां के 9 गेट खोले गए हैं और इसीलिए तेजी से महानदी का जल स्तर बढ़ा है। जानकारी के अनुसार प्रति सेकेंड 1 लाख क्यूसेक पानी प्रति सेकेण्ड छोड़ा जा रहा है।
रायगढ़ एसडीएम युगल किशोर उर्वसा ने बताया कि महानदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए रायगढ़ जिले के उन 18 गांव में अलर्ट जारी कर दिया गया है जो महानदी के किनारे बसे हुए हैं उनका कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है चूंकि हीराकुंड डेम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है जिससे गांव में बढ़ता जल स्तर धीरे धीरे कम हो रहा है।
27 गांव प्रभावित
इधर एक अन्य जानकारी के अनुसार महानदी के किनारे जांजगीर चांपा व रायगढ़ जिले के कुल 27 गांव प्रभावित होने की जानकारी मिली है। बाढ़ के चलते नवघट्टा, पोरथ, सुरसी, मानिकपुर, विश्वासपुर,बोंदा, हेलफोरा, चांदमा, छोटे विजयपुर, लुकापारा मोंहदी, भगतपुर, बिलाईगढ़,परसरामपुर भी प्रभावित हैं लेकिन इन गांव का संपर्क अभी मुख्य सड़कों से बना हुआ है, इसलिए बहुत ज्यादा नुकसान का डर इन गांवों में नहीं है। अब तक पहुंचविहीन गांव एक भी नहीं है।
